फोटो 10-दलदल भरे रास्ते से गुजरते शव यात्रा में शामिल लोग। स्रोत ग्रामीण
कोंच (उरई)। ग्राम अटा टोपोर में श्मशान घाट की जमीन उबड़खाबड़ है। रास्ता दलदल में तब्दील हो चुका है। शुक्रवार को ग्रामीणों को इसी रास्ते से चलकर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समस्या की जानकारी ग्राम प्रधान को दी थी, फिर भी वह नहीं आए। न ही अधिकारियों ने फोन उठाएं।
ब्लॉक के अटा टोपुर में अंत्येष्टि करने तक के लिए जगह नहीं है। श्मशान घाट की जगह उबड़खाबड़ पड़ी हुई है। इसमें जाने वाले रास्ते में दलदल बना हुआ है। गांव में बुजुर्ग रामनारायण प्रजापत (85) का निधन हो गया था। शुक्रवार को सुबह उनके अंतिम यात्रा के लिए तमाम ग्रामीण व रिश्तेदार जुट गए।
गांव में श्मशान घाट की उखबखाड़ जगह में भरा पानी और रास्ते में दलदल होने से अंत्येष्टि की समस्या खड़ी हो गई। प्रधान सूचना के बाद भी नहीं पहुचे। परिजनों ने आरोप लगाया कि समस्या को लेकर अधिकारियों को फोन लगाए लेकिन किसी ने उठाया तक नहीं। आखिर में शवयात्रा में शामिल को दलदल भरे रास्ते से होकर श्मशान घाट की उबड़खाबड़ जगह में बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करना पड़ा। बीडीओ कोंच संदीप मिश्रा का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। गांव के सचिव से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही रास्ता ठीक कराया जाएगा।
इधर, प्रधान मानवेंद्र सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण अस्पताल में था। सूचना मिलते ही प्रतिनिधि को भेज दिया था।
गांव में अधिकारी आते न जनप्रतिनिधि
गांव के राममहेश का कहना है कि गांव की हालत किसी से छुपी नहीं है। गांव में जरूरी व्यवस्थाएं तक नहीं है।गांव में न अधिकारियों और न ही जनप्रतिनिधियों का आना होता है। गांव के सचिव तक को ग्रामीण नहीं जानते है।
गांव की समस्याओं पर नहीं दिया जाता ध्यान
ग्रामीण प्रेमनारायण का कहना है कि गांव की समस्याओं पर भी ध्यान देने वाला नहीं है। बारिश के समय गांव की हालत बहुत खराब हो जाती है। आज मजदूरी में दलदल भरे रास्ते में घुसकर गांव के लोगों को श्मशान घाट की उबड़खाबड़ जगह में अंत्येष्टि करनी पड़ी।