उरई। सुलखना गांव में इंटर में फेल होने पर छात्रा ने घर के कमरे में लगे हुक से फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के समय वह अकेली थी। कुछ देर बाद सहेलियां रिजल्ट के बारे में जानकारी लेने पहुंचीं तो फंदे पर लटका देख सबकी चीख निकल गई। परिजनों ने बताया कि वह पेपर खराब होने से परेशान थी।
रेढ़र थाना क्षेत्र के सुलखना गांव निवासी राजबहादुर जाटव की बेटी राधा देवी (18) जालौन क्षेत्र के गंभीर सिंह इंटर कॉलेज छिरिया सलेमपुर में इंटरमीडिएट की छात्रा थी। बृहस्पतिवार की शाम को उसके पिता कोंच गए हुए थे, जबकि मां गुड्डी देवी पड़ोस में एक गमी में गई थीं। भाई शिवम भी किसी काम से घर से बाहर था। राधा घर में अकेली थी।
बताया गया कि शाम करीब साढ़े चार बजे राधा ने परीक्षा परिणाम देखा, जिसमें वह बायोलॉजी वर्ग के तीनों विषयों में असफल हो गई। रिजल्ट से परेशान होकर उसने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद उसकी सहेलियां घर पहुंचीं और राधा को फंदे पर लटका देख परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनेंद्र सिंह ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिता राजबहादुर जाटव का कहना है कि इंटरमीडिएट में असफल होने के कारण ही राधा ने यह कदम उठाया। वहीं, कॉलेज के प्रधानाचार्य गजेंद्र सिंह ने बताया कि छात्रा के फेल होने की जानकारी है, लेकिन घटना की उन्हें पहले कोई सूचना नहीं थी। सीओ अंबुज यादव का कहना है कि छात्रा ने फंदा लगाकर आत्महत्या की है। जांच की जा रही है। परिजन इंटर में फेल होने की बात कह रहे हैं।
पापा... पेपर सही नहीं गए हैं, फेल हो जाऊंगी
ग्रामीणों के अनुसार राजबहादुर जाटव की बेटी राधा देवी पढ़ने में होशियार थी, लेकिन उसने यह कदम उठा लिया, ग्रामीण नहीं बता पा रहे हैं। जबकि पिता का कहना है कि शुरुआती समय में उसके पेपर सही गए, लेकिन रसायन विज्ञान व भौतिक विज्ञान का पेपर बिगड़ा तो वह निराश हो गई थी। बताया कि उसने रोते हुए कहा था कि पापा उसके पेपर बिगड़ गए हैं, वह फेल हो जाऊंगी।