उरई/माधौगढ़। प्रदेश में अधिवक्ताओं पर हो रहे हमले के विरोध एवं अधिवक्ताओं के सीओपी नंबर मान्य न किए जाने के विरोध में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर अधिवक्ता सोमवार को हड़ताल पर रहे।
जिला मुख्यालय पर बार संघ अध्यक्ष नरसिंह दास गुप्ता एवं महासचिव सुधीर कुमार मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने लाल पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। महासचिव ने बताया कि सीओपी और कल्याण निधि के पैसे का भुगतान समेत दो सूत्रीमांगों पर प्रदर्शन किया गया है। अब 23 मार्च इसके बाद 30 मार्च को फिर से प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान देवेंद्र वेद, युसुफ इश्तियाक, लाजपत राय सक्सेना, धीरेंद्र गुप्ता, वीरेंद्र यादव, आशीष शाक्य, इंद्रपाल राजपूत आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
माधौगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक, बारसंघ अध्यक्ष जितवार सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने हाथ में लाल पट्टी बांधकर विरोध जताया। बारसंघ अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने अधिवक्ताओं के हित में योजनाएं प्रारंभ करने के लिए प्रतिवर्ष 40 करोड़ की धनराशि मुहैया कराती थी। वर्तमान सरकार तीन वर्ष से बंद किए है। लाइब्रेरी के लिए पांच हजार रुपये प्रतिवर्ष, वकीलों की मेडीक्लेम पालिसी जारी की जाए। वही अधिवक्ता टिन शेड के नीचे बैठकर कार्य करते है। सभी अधिवक्ता 16 मार्च को हाथ में लाल पट्टी बांधकर विरोध जताया। इस दौरान काली प्रसाद राठौर, प्रभूदयाल चतुर्वेदी, अंकित सोनी, विपिन कुमार सिंह, राजकुमार, संजय सिंह, सूर्यकुमार सक्सेना, राघवेंद्र व्यास, श्यामू सेंगर आदि रहे।
कालपी में अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर सिंह निषाद के नेतृत्व में वकील बार भवन में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करने लगे। अधिवक्ता एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के न्यायालयों न्यायिक कार्यों से विरत रहें। इस दौरान राजेंद्र तिवारी, अपूर्व शरद श्रीवास्तव, राजेंद्र सिंह, जयवीर यादव, राकेश द्विवेदी, दिनेश बाबू श्रीवास्तव, इकबाल अहमद, सलीम अंसारी, रविंद्र श्रीवास्तव आदि रहे।
माधोगढ़ में विरोध जताते वकील- फोटो : ORAI
कालपी में लाल पट्टी बांधकर विरोध जताते वकील- फोटो : ORAI