कोंच। चर्चित टीवी सीरियल चिड़ियाघर में छछूंदर मामा का किरदार करने वाले टीवी अभिनेता आरिफ शहडोली ने कहा कि अभिनेता को राजा की तरह होना चाहिए। जैसे राजा को राज्य के समस्त प्रजा की जानकारी होनी चाहिए। ठीक उसी तरह अभिनेता को भी अभिनय, संगीत, नृत्य, कैमरा, तकनीकी आदि की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने नुक्कड़ नाटकों की रंगकर्म में भूमिका को लेकर कहा कि नुक्कड़ नाटक भीड़ जुटाने पर जोर देता है। ताकि हमारा संदेश अधिकांश लोगों तक जाए। यह बात उन्होंने भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) इकाई कोंच द्वारा आयोजित दस दिवसीय निशुल्क वर्चुअल ग्रीष्मकालीन बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला में कही।
रावी, देवों के देव महादेव, चकल्लसपुर, चिड़ियाघर आदि धारावाहिक एवं फिल्मों में अभिनय कर चुके फिल्म अभिनेता आरिफ शहडोली ने कार्यशाला के दूसरे दिन बुधवार वर्चुअल रूप से जुटे स्थानीय रंगकर्मियों को प्रशिक्षित किया। इप्टा के प्रांतीय सचिव डॉ मोहम्मद नईम ने कहा कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती है। यदि आपके अंदर जुनून व जज्बा है तो कठिन से कठिन कार्य सरल हो जाता है। नाटक जनचेतना के संवाहक होते हैं। इप्टा का भी नारा है कि कला की असली नायक जनता होती है। संरक्षक अनिल ने कहा कि आंखें भले ही छोटी हो पर सपने हमेशा बड़े होने चाहिए। कार्यशाला में आदर्श, साहना, ज्योति रतन, निर्मला, अंजली, अंकित, आर्यन सिंह, विमल आदि रहे। आभार पारसमणि ने जताया।