कदौरा। कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी को लेकर कस्बे की सीएचसी में बच्चों के लिए अलग से बनाए गए तीस बेड के वार्ड का जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वैक्सीन सेंटर सहित सीएचसी के अन्य केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों का वार्ड आक्सीजन सहित अन्य सभी सुविधाओं से लैस हो। इसमें लापरवाही न हो अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों ने डीएम को बाल रोग विशेषज्ञ की कमी के बारे में भी बताया।
डीएम ने सबसे पहले बच्चों के लिए बनाए गए कोविड वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्ड में आक्सीजन की उपलब्धता सहित अन्य व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने वार्ड में संक्रमित बच्चों के अभिभावकों के रुकने के इंतजाम व वैक्सीनेशन के बारे में जानकारी की। चिकित्सा अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि अभिभावकों के रुकने के इंतजाम किए गए है। साथ ही बताया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य टीम लगातार गांव गांव कैंप लगा कर कोरोना जांच व वैक्सीनेशन का कार्य कर रही है। गांव में गठित निगरानी समितियों को प्रतिदिन वैक्सीनेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने सीएचसी में मरीजों के रुकने के लिए रैन बसेरा, डॉक्टरों के आवास व हाल के निर्माण के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को स्टीमेट बनाने का आदेश दिया। डीएम ने कोविड वार्ड, वेक्सिनेशन सेंटर, दवा स्टॉक कक्ष में व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने स्टाफ व अन्य कर्मियों की प्रगति रिपोर्ट के बारे में जानकारी की। डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि एल 1 सेंटर बनने से आसपास के लोगों को सुविधा होगी। तीसरी लहर को लेकर सभी स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। जल्द ही अस्पताल को बाल रोग विशेषज्ञ भी मिलेगा। इस मौके पर सीएमओ उषा सिंह, एसडीएम कौशल कुमार, अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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एक नजर में सीएचसी की स्थिति
सीएचसी में 21 लोगों का स्टाफ है, जिसमें दो एलटी भी मौजूद हैं।
सीएचसी में सीबीसी, कोविड, आरटीपीसीआर, टायफाइड, मलेरिया, हीमोग्लोबिन, एचआईवी व बीडीआर जांच की भी सुविधाएं