कदौरा। कस्बे में मंगलवार को गल्ला व्यापारी के बंद पड़े मकान से बरामद की गई सरकारी अनाज जांच करने के लिए बुधवार को तहसीलदार सहित खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कोटेदारों के यहां छापेमारी की। इस दौरान टीम ने स्टाक रजिस्टर व गोदाम में रखे स्टाक का सत्यापन कराया। हालांकि अभी तक मकान मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। उपजिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी डॉक्टर मन्नान अख्तर को रिपोर्ट दी गई है उनके आदेश पर मामला दर्ज कराया जाएगा।
गौरलतब है कि मंगलवार को उपजिलाधिकारी कौशल कुमार व सीओ संजय शर्मा की अगुवाई में नगर के मेला ग्राउंड स्थित एक बंद पड़े मकान में छापा मारा था। जहां पर 277 बोरी सरकारी गेहूं व चावल मिला था, इतना ही नही बल्कि उक्त मकान में 294 सरकारी खाली बोरी भी प्रशासनिक अधिकारियों को मिली थी। उपजिलाधिकारी ने मकान को सीज करते हुए अन्न को सरकारी गोदाम में रखा दिया था। इतने बड़ी तादात में मिली गेहूं व चावल की बोरी कहां से आई और किस कोटेदार की है, इसकी जांच कराई जा रही है।
उपजिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार शशिवेंद्र दुबे, नायाब तहसीलदार राजेश पाल व पूर्ति निरीक्षक कमल सिंह की अगुवाई में तीन टीम क्षेत्र के 17 राशन विक्रेताओं के यहां स्टाक का सत्यापन कर स्टाक व बिक्री रजिस्टर का सत्यापन किया। तहसीलदार ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट जल्द ही वह जिलाधिकारी को सौंपेंगे। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के राशन विक्रेताओं सहित कई गल्ला व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। उपजिलाधिकारी कौशल कुमार ने का कहना है कि तीन टीमें गठित की गई है, जिनमें तहसीलदार, नायाब तहसीलदार व पूर्ति निरीक्षक है जो 17 कोटेदारों के स्टाक रजिस्टर आदि की जांच कर रिपोर्ट देंगे, उसके बाद कड़ी कार्रवाई होगी। हालांकि, अभी तक मामले में कोई एफआईआर नहीं हुई है। पुलिस जिलाधिकारी के निर्देश के बाद एफआईआर करने की बात कह रही है।