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Jalaun News: चार माह से टिकरी में रह रहा था आरती का प्रेमी

Sat, 07 Dec 2024 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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सिरसाकलार। चुर्खी थाना क्षेत्र के टिकावली गांव निवासी छविनाथ की भतीजी रागिनी देवी टिकरी गांव के ही निवासी झाम सिंह के ब्याही थी। छविनाथ की शादी नहीं हुई थी। इससे वह अक्सर टिकरी गांव में अपनी भतीजी व दामाद के यहां आता जाता रहता था।
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ग्रामीणों की मानें तो पिछले चार माह से वह टिकरी गांव में ही रहने लगा था। इसी बीच भतीजी के घर आरती के आने-जाने से उसकी दोस्ती आरती से हो गई थी। आरती का पति कुंवर सिंह चार माह से नोएडा में था। आरती दो बच्चों के साथ गांव में ही रहती थी। इससे प्रेम संबंध कायम होने पर वह मौके का फायदा उठाकर अक्सर आरती के घर आता-जाता रहता था। उसकी फोन पर भी खूब बातें होती थीं।
कुंवर सिंह को भी इस बात की जानकारी हो गई थी। इस पर वह कई बार आरती को मना भी कर चुका था। लेकिन आरती मानने को तैयार नहीं थी। इसलिए कुंवर सिंह ने अचानक आने की योजना बनाई और वह गुरुवार की शाम अचानक घर पहुंचा। जहां आरती अपने प्रेमी छविनाथ के साथ आपत्तिजनक हालत में थी। इससे उसका खून खौल उठा और उसने कुल्हाड़ी से दोनों की हत्या कर दी।
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छविनाथ के पैसों की चमक से आरती हो गई थी प्यार में अंधी
चुर्खी थाना क्षेत्र के टिकावली गांव छविनाथ छह भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। इससे अपने हिस्से में पड़ने वाली कुछ जमीन उसने बेच दी थी और वह चार माह से टिकरी गांव में अपनी भतीजी के पास रह रहा था। वह शराब पीने का लती था। इससे वह दूसरे मोहल्ले के लोगों के संपर्क में आ गया। तभी उसकी मुलाकात भतीजी और कुछ लोगों के माध्यम से आरती से हुई तो आरती उसके पैसों की चमक से पिघल गई और वह उसके प्रेम करने लगी। पति के न होने पर वह अक्सर उसे अपने घर बुलाने लगी थी। इसकी जानकारी जब गांव में फैली तो किसी ने पति को भी दे दी थी। उसने नोएडा से फोन कर उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन आरती नहीं मानी। इससे बाद वह बिना जानकारी के घर आया और उसने प्रेमी के साथ पाकर दोनों को मौत के घाट उतार दिया।

चार माह पहले आरती के दूसरे प्रेमी से हुआ था विवाद
आरती का इससे पहले भी गांव के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। तब कुंवर सिंह गांव में ही रहकर मजदूरी करता था। एक दिन उसने वीडियो कॉल करते समय आरती को देख लिया था। इसके बाद उसने युवक से आरती से बात न करने की बात कही तो दोनों में विवाद हो गया और कुंवर सिंह ने युवक के साथ मारपीट कर दी। पत्नी ने जब बात नहीं मानी तो वह नोएडा चला गया। इसके बाद छविनाथ आरती के संपर्क में आया और दोनों में प्रेम हो गया।
बच्चों को दादी के पास सुला देती थी आरती
कुंवर सिंह के पिता घनश्याम की कुछ सालों पहले मौत हो गई थी। घर में उसकी मां मुन्नी देवी, पत्नी आरती व बेटे प्रियांशु (11) व दीपांशु (9) साल रहते थे। कुंवर सिंह के नोएडा चले जाने पर प्रेमी को बच्चे न देख लें। इसलिए आरती बच्चों को सास मुन्नी के पास सुला देती थी। गुरुवार की रात भी बच्चे दादी के साथ सो रहे थे। घटना के बाद भी उन्हें कोई कारित जानकारी भी नहीं हो सकी। मुन्नी ने बताया कि फोन पर कुंवर सिंह व आरती की लड़ाई जरूर होती थी। वह किसी से बात करने के लिए मना करता था, पर आरती अपने मन का करती थी। लेकिन उसे यह पता नहीं था कि बेटा ऐसा कर देगा।
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