उरई। किशोरी का अपहरण कर पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने दोषी को बीस साल की सजा सुनाकर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी कि 15 फरवरी 2017 को उसकी 15 वर्षीय बेटी को बहलाकर राजू अपनी बहन के घर ले गया था। पीड़ित के घर पर अलग-अलग नंबरों से फोन करता था। जब पीड़ित ने राजू से बेटी के बारे में पूछा तो उसने अभद्रता की। इसके बाद पुलिस ने राजू, उसके भाई राम मिलन और बहन-बहनोई के खिलाफ अपहरण व पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस ने राजू के पास से किशोरी को खोजकर कोर्ट में कलम बंद बयान दर्ज कराए थे। जहां पर किशोरी ने दुष्कर्म की बात कही थी। पुलिस ने दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर सभी को जेल भेज दिया था। पुलिस ने कोर्ट में 11 अगस्त 2017 को पॉक्सो कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट में चले ट्रायल के बाद 18 अप्रैल को जीजा साले को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने सजा सुनाई थी। राजू की बहन को दोष मुक्त कर दिया था। सोमवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने राजू को दोषी पाते हुए बीस साल की सजा सुनाई और 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।