उरई। कार डिवाइडर से टकराकर हाईवे पर पलट गई। इससे उसमें सवार व्यापारी के पुत्र की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने परिजनों को जानकारी देकर सभी को मेडिकल कॉलेज भिजवाया। जहां से एक को झांसी रेफर कर दिया गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तुलसी नगर निवासी धर्मेद्र बिस्वारी के पुत्र धवल (27) अपने पड़ोसी दीप गुप्ता (30) उनकी पत्नी पूजा गुप्ता (28) व बासु (20) के साथ शनिवार रात कालपी रोड स्थित एक होटल में खाना खाने गए थे। रात में करीब एक बजे सभी खाना खाकर लौट रहे थे। जब कार झांसी-कानपुर हाईवे स्थित अमर होटल के पास पहुंची तभी गाड़ी चला रहे दीप स्टीयरिंग से संतुलन खो बैठे और फॉर्च्युनर कार डिवाइडर पर चढ़कर सड़क पर पलट गई।
हादसे के वक्त चालक के बगल में बैठे धवल बिस्वारी गेट की शीशा खुला होने पर बाहर जा गिरे और करीब बीस मीटर तक घिसटते चले गए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को कार से निकलवाकर मेडिकल कालेज पहुंचाया। जहां से दीप को झांसी रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि पिता धर्मेंद्र बिस्वारी व्यापारी हैं। उनके दो पुत्र थे, धवल छोटा था। वह नोएडा में रहकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर रहा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। वह 30 अप्रैल को पड़ोस में शादी में शामिल होने के लिए तीन दिन पहले ही आया था। उसकी मौत से मां अंजलि विस्वारी, चाचा विशाल सहित अन्य परिजनों का रो रो रोकर बुरा हाल है।
कन्हैया एक बार मुझे गले लगा ले...
धवल को परिवार के लोग प्यार से कन्हैया बुलाते थे। रात में धवल अपने साथियों से साथ खाना खाने जा रहा था। तब वह अपनी मां से बोला कि कौन से कपड़े पहन लूं तो उन्होंने कहा कि कोई भी पहन लो सब अच्छा लगेगा। इस पर वह तैयार होकर खाना खाने चला गया। रात में जब परिजनों को हादसे की मौत की जानकारी मिली तो परिजनों में कोहराम मच गया। सोमवार की सुबह जब शव घर पहुंचा तो मां बिलख उठी और बोली कि कन्हैया एक बार उठ जा और मुझे गले लगा ले। तुम उठते क्यों नहीं और यह कहकर वह बेसुध हो गई। नजारा देख आसपास के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।