उरई। बीए की सेमेस्टर परीक्षा देने गई छात्रा का शव नहर किनारे लगी झाड़ियों में लहूलुहान हालात में पड़ा मिला। रात में छात्रा जब घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने खोजबीन की पर कुछ पता नहीं चला। रात में ही उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई। सुबह उसका शव मिलने से खलबली मच गई। उसके चेहरे में करीब पांच जगह चोंटों के निशान मिले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि छात्रा की बेरहमी से हत्या कर शव फेंका गया है। परिजनों ने दुष्कर्म कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम में स्लाइड बनाई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 19 वर्षीय बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा एट थाना क्षेत्र के एक गांव में अपने फूफा के यहां पिछले दो साल से रहकर पढ़ाई कर रही थी। बुधवार को वह आटा थाना क्षेत्र स्थित एक महाविद्यालय में सेमेस्टर की परीक्षा देने जाने की बात कहकर घर से निकली थी। लेकिन शाम तक वह घरनहीं लौटी। इस पर फूफा ने उसकी खोजबीन की। लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल सका। उन्होंने एट थाने में छात्रा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
गुरुवार सुबह कुछ ग्रामीण जब खेतों की तरफ जा रहे थे तो कोंच-एट को जोड़ने वाले अमीटा लिंक रोड के किनारे बनी नहर की झाड़ियों में छात्रा का शव पड़ा दिखाई दिया। इस पर ग्रामीणों ने परिजनों व पुलिस को सूचना दी। जानकारी पाकर सीओ कोंच डॉ. देवेंद्र पचौरी थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। फूफा ने बताया कि भतीजी के पास फोन नहीं था। बुधवार को परीक्षा देने के बाद उसने किसी दूसरे के बताया था कि वह काम से एट आ गई है और घर आ रही है, कुछ लाना तो नहीं है।
इस पर उनके बेटे ने समोसा खाने की इच्छा जताई तो उसने थोड़ी देर में भी लाने की बात कही। शाम तक जब वह घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी खोजबीन की। पता न चलने पर पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने फूफा की तहरीर पर छात्रा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। गुरुवार सुबह उसका शव पड़ा होने की सूचना मिली। परिजनों ने दुष्कर्म कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। परिजनों ने बताया कि छात्रा के पिता गुजरात में रहकर काम करते हैं। जबकि उनकी मां एक बहन व एक भाई के साथ गांव में रहती है। जबकि छात्रा अपनी बुआ फूफा के साथ करीब दो वर्ष से रहती थी। एसपी. डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि हर बिंदु पर जांच पड़ताल की जा रही है। टीमों को लगाया गया है, जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
डॉक्टरों के दो सदस्यीय पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ छात्रा के शव का पोस्टमार्टम किया है। उसके गले व चेहरे पर चोटों के पांच जगहों पर निशान हैं। टीम ने दुष्कर्म की आशंका को देखते हुए स्लाइड लेकर जांच के लिए लैब में भेजी है।
घटनास्थल पर ही पड़े रह गए समोसे, कान से बालियां गायब
उरई। छात्रा का शव पड़े होने की सूचना पर पहुंची पुलिस को उसके शव के पास ही समोसे व एक झोला पड़ा मिला। जबकि उसके कान की दोनों बालियां गायब थी। वहीं, कानों से खून निकल रहा था। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या करने से पहले उसके कान से बालियां खींची गई हैं। उसके पीछे पिट्ठू बैग भी वैसे ही पीछे टंगा था। जैसे वह वापस लौट रही हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके गले में चोट के निशान पाए गए हैं। उसके शरीर में करीब पांच जगहों पर चोट के निशान है।
बुआ की मदद के लिए दो वर्ष पहले खुशी चली गई थी अमीटा
उरई। छात्रा ने इंटर की पढ़ाई अपने घर पर ही रहकर की थी। इसके बाद करीब दो वर्ष पहले बुआ के बेटे की हादसे में रीढ़ की हड्डी खराब हो गई थी। इससे वह चलने फिरने में असमर्थ हो गया था। बुआ के कहने पर वह यहां आकर रहने लगी थी। साथ ही अपने भाई की देखरेख की पूरी जिम्मेदारी वह अपने सिर पर लिए थी। परिजनों ने बताया कि सुबह से शाम तक वह उसकी सेवा करती रहती थी। घटना की जानकारी मिलने पर उसका भाई बिलख-बिलख कर रो रहा है। जब उसकी बुआ कुंभ गई हैं। जानकारी पर उनका भी रो रोकर बुरा हाल है।
सूचना के बाद भी नहीं जागी एट पुलिस
उरई। बुधवार की शाम लापता हुई छात्रा की तलाश करते हुए उसके फूफा ने ग्रामीणों के साथ थाना एट भी पहुचे थे और रात में ही छात्रा के लापता होने की सूचना दे दी थी। उसके बाद एट पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की। लेकिन कोई सक्रियता नहीं दिखाई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर एट पुलिस रात में ही मामले को गंभीरता से लेती तो शायद छात्रा की जान नहीं जाती। पुलिस की कार्य शैली के ग्रामीणों में आक्रोश है।