फोटो- 08 कार्रवाई करती मत्स्य विभाग की टीम व पुलिस। संवाद
कालपी। प्रतिबंधित अवधि में यमुना नदी में खुलेआम हो रहे अवैध मत्स्य आखेट पर आखिरकार मत्स्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को उपनिदेशक मत्स्य ने स्वयं मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और मछली पकड़ते हुए तीन लोगों को दबोच लिया।
शासन ने मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए एक जून से 30 अगस्त तक नदियों और तालाबों में मत्स्य आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद यमुना नदी में नियमों को ताक पर रखकर लगातार मछलियों का शिकार किया जा रहा था। हैरानी की बात यह रही कि यह गतिविधियां चोरी-छिपे नहीं बल्कि खुलेआम संचालित हो रही थीं, जिससे न केवल मत्स्य संपदा को नुकसान पहुंच रहा था बल्कि सरकारी राजस्व की भी क्षति हो रही थी।
शुक्रवार दोपहर उपनिदेशक मत्स्य गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने विभागीय टीम और पुलिस बल के साथ हीरापुर गांव के समीप यमुना नदी में अचानक छापेमारी की। टीम को देखते ही नावों पर सवार कुछ लोग मौके से भाग निकले, लेकिन विभाग ने मत्स्य आखेट से जुड़ी समिति के तीन सदस्यों को पकड़ लिया। पकड़े गए लोगों की पहचान बनखंडी, आशीष व कमल सिंह के रूप में हुई है। इनके पास से मछली पकड़ने में इस्तेमाल होने वाले जाल भी बरामद किए गए।
उपनिदेशक मत्स्य ने बताया कि प्रतिबंधित अवधि में मत्स्य आखेट करना नियमों का गंभीर उल्लंघन है। मामले में संबंधित समिति के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय भेजी जा रही है, ताकि उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि अवैध मत्स्य आखेट के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।