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Jalaun News: बंद पुल ने किसानों का रास्ता रोका तो बढ़ता तापमान झुलसा रहा सब्जी

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फोटो - 10 देवकी नंदन।
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मुहम्मदाबाद। बेतवा नदी किनारे सब्जी की खेती करने वाले किसान इस बार दोहरी समस्या का सामना कर रहे हैं। एक ओर बेतवा पुल पांच फरवरी से मरम्मत के कारण बंद है। वहीं मार्च में अचानक बढ़े तापमान ने उनकी सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है।
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जिले के मुहाना गांव और हमीरपुर के चिकासी गांव के बीच स्थित बेतवा पुल काफी समय से जर्जर था। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए शासन ने इसकी मरम्मत के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की। पुल को पांच फरवरी से 45 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। पुल बंद होने का सीधा असर बेतवा किनारे सब्जी उगाने वाले किसानों पर पड़ा है।
हर वर्ष व्यापारी सीधे खेतों से सब्जियां खरीदते थे। वे उन्हें कानपुर, लखनऊ और उन्नाव जैसे बड़े शहरों तक ले जाते थे। इस बार पुल बंद होने से व्यापारी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसानों को मजबूरी में सब्जियां तोड़कर नाव के सहारे दूसरे घाट तक ले जाना पड़ रहा है। वहां से उन्हें अधिक भाड़ा देकर आसपास के क्षेत्रों और उरई शहर में ही कम दामों पर बेचना पड़ रहा है।
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मार्च के पहले हफ्ते में तापमान 37 डिग्री
इधर मार्च की तेज धूप ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तापमान 37 डिग्री तक पहुंचने से सब्जियों की बेलों में पीलापन आने लगा है। कई जगह पौधे सूखने लगे हैं। किसान अपनी फसल बचाने के लिए हर दो दिन में पानी दे रहे हैं। वे समय-समय पर दवा का छिड़काव भी कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पैदावार पर असर पड़ रहा है।
खेती का रकबा और किसानों के प्रयास

क्षेत्र में करीब 15 से 20 बीघा भूमि पर नदी किनारे सब्जी की खेती होती है। अधिकतर किसान दो से तीन बीघा में लौकी, तुरई, करेला, टमाटर और हरी मिर्च जैसी सब्जियां उगाते हैं। पुल बंद होने और तापमान बढ़ने से उन्हें लागत निकालना मुश्किल लग रहा है। लौकी, तुरई और करेला सहित अन्य सब्जियों की बेलें सूखने लगी हैं। यह स्थिति किसानों के लिए आर्थिक संकट पैदा कर रही है।



बोले किसान
फोटो - 10 देवकी नंदन।
हर साल व्यापारी खेतों तक आकर सब्जी खरीद लेते थे और अपने साधनों से बड़े शहरों तक पहुंचाते थे। पुल बंद होने से इस बार व्यापारी नहीं आए। अब किसानों को सब्जी नाव से दूसरे घाट तक ले जाकर अधिक किराया देकर बेचनी पड़ रही है जिससे सही दाम नहीं मिल पा रहा। - देवकीनंदन, किसान।



फोटो - 18 किसान लखन।
इस बार फसल अच्छी थी, लेकिन अचानक बढ़ी गर्मी ने परेशानी बढ़ा दी है। तेज धूप के कारण सब्जियों की बेलें सूखने लगी हैं और फल छोटे रह जा रहे हैं। फसल बचाने के लिए हर दो दिन में पानी देना पड़ रहा है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि लागत कैसे निकलेगी। - लखन, किसान।

फोटो - 10 देवकी नंदन।

फोटो - 10 देवकी नंदन।

फोटो - 10 देवकी नंदन।

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