उरई (जालौन)। सामाजिक, आर्थिक, जातिगत गणना हर हाल में पहली जून से शुरू कर दिया जाए। यह निर्देश डीएम श्रीमती मनीषा त्रिघटिया ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में दिये।
डीएम ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के बाद सरकार सामाजिक आर्थिक व जातिगत सर्वे करा रही है। इसकी शुरुआत पहली जून से होना है। सामाजिक और आर्थिक सर्वे के आधार पर ही देश में विकास योजनायें बननी है। प्रगणक शहरों, मजरों, गांवों में जाकर उनका हर स्तर पर सामाजिक आर्थिक सर्वें करें। इसी से पता चलेगा कि वास्तविक रूप से जिले में कितने लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि ब्लाक क्षेत्र के शहर व गांवों में एक प्रगणक को सौ से सवा सौ घरों के सर्वे का काम सौंपा जाएगा। जिसकी आबादी 700 से अधिक न हो। प्रगणकों को मास्टर ट्रेनरों से प्रशिक्षित कराया जाएगा। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी लोकपाल सिंह, सीडीओ सुरेंद्र विक्रम सिंह के अलावा जिले भर के उपजिलाधिकारी व अधिशाषी नगर पालिका नगर पंचायत मौजूद थे।