उरई (जालौन)। अपनी मिट्टी पहचानों महाअभियान के तहत राजकीय कृषि प्रक्षेत्र बोहदपुरा में प्रगतिशील किसान, समाजसेवी कमलेश राठौर से मिट्टी का नमूना लेकर अभियान का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर कृषक जागरूकता गोष्ठी की गई।
उप कृषि निदेशक एस बदरे आलम ने स्वयं नमूना लेकर किसानों को मृदा परीक्षण की जरूरत और महत्व के विषय में बताया। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के अध्यक्ष डा. सीपी सिंह ने कहा कि किसान ज्यादा पैदावार के लालच में जीवांश विहीन उर्वरकों का अंधाधुंध प्रयोग करे रहे हैं। जिससे मृदा में जटिलता के साथ उसके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। मृदा में पोषक तत्वों की उपलब्धता क्षीण होने लगी है। खासकार जीवांश कार्बन, फास्फेट और सल्फर जैसे तत्वों की कमी हो गई है।
वरिष्ठ प्राविधिक सहायक मनोज कुमार ने कहा कि पौधों के लिये आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए उपयोगी सलाह दी। डा.आरएल आर्या ने भी जिप्सम के प्रयोग की विधि एवं मिट्टी पर उसके प्रभाव के बारे में बताया। इस मौके पर पूरन दास, रूप सिंह राठौर, प्रेमनारायण गुप्ता, सतीश निरंजन, विषय वस्तु, देवीचरन निंरजन, मंगल सिंह, प्रमोद वर्मा, तेज प्रताप, दीपक कुमार मौजूद रहे।