उरई (जालौन)। पिंडारी स्थित डायट में प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए साल भर पहले बायोमैट्रिक मशीन लगवाई गई थी। मशीन की टेस्टिंग हुई तो ठीक थी, लेकिन बाद में काम नहीं किया। तभी से बायोमैट्रिक मशीन धूल खा रही है। मालूम हो कि पिंडारी डायट में 400 बीटीसी प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। बायोमैट्रिक मशीन खराब होने से इनकी मौज है, क्योंकि उपस्थिति को लेकर इन्हें कोई टेंशन नहीं है।
पिंडारी डायट में बीटीसी प्रशिक्षुओं के लिए उपस्थिति से लेकर उनके क्रिया कलापों पर नजर रखने के पुख्ता इंतजाम किए गए। प्रशिक्षुओं पर नजर रखने के लिए कैंपस में 11 कैमरे लगाए गए थे, जिससे डायट कार्यालय उरई से लेकर लखनऊ तक के अधिकारी पिंडारी डायट में पढ़ा रहे प्रवक्ता व पढ़ रहे प्रशिक्षुओं की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रख सके। लेकिन इस समय कैमरे भी पूरी तरह से काम नहीं कर रहे हैं। बायोमैट्रिक मशीन जिस समय लगवाई गई थी, उस समय उसकी टेस्टिंग भी कराई गई और सब कुछ ओके होने की रिपोर्ट बन गई। पर जब प्रशिक्षुओं की उपस्थिति दर्ज कराने की बारी आई तो मशीन ने काम करना बंद कर दिया। बायोमैट्रिक मशीन को लगे हुए एक साल बीत जाने के बाद भी वह ठीक नहीं हो सकी।
उधर, इस बाबत डायट प्राचार्य ममल देवी जैन का कहना है कि एक महीने से बराबर काउंसलिंग चल रही है, जिससे प्रवक्ता डायट कार्यालय में व्यस्त हैं। रही बात बायोमैट्रिक मशीन की तो सुधारने वाले इंजीनियर को कई मर्तबा फोन से बता दिया गया, लेकिन उसने अभी तक ठीक नहीं किया है। इस महीने के अंत तक ठीक होने की उम्मीद है। मशीन ठीक होते ही सभी प्रशिक्षुओं की उपस्थिति बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से लगेगी। अभी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज की जा रही है।