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लू-उमस से बढ़े मरीज

Mon, 16 Jun 2014 05:31 AM IST
Jalaun
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जालौन। गर्मी तथा लू लगने से मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। गर्मी में शादी बारातों का खान पान भी लोगों को बीमार बना रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन डेढ़ दो सौ मरीज सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आते है तो वहीं नर्सिंग होम्स में भी गर्मी का शिकार होकर बीमार होने वाले मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। जबकि ग्रामीण अंचलों में गरीब लोग झोलाछाप की शरण में जाने को मजबूर हो रहे हैं। ज्यादातर मरीज पेट दर्द, उल्टी, बुखार और चक्कर आने की समस्या से पीड़ित हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा भीषण गर्मी की वजह से ही हो रहा है।
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जून महीने की शुरुआत से ही भीषण गर्मी ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले रखा है। गर्मी तेज होने से लोगों का खान पान भी बिगड़ रहा है। जिससे मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। आलम यह है कि सरकारी अस्पताल में सुबह से मरीजों और उनके तीमारदारों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। अस्पताल का परिसर खचाखच भरा रहता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 300-400 मरीज पहुंच रहे हैं जबकि केंद्र में तैनात पांच डाक्टरों के चैंबर मरीजों की भीड़ से भरे नजर आते हैं। स्वास्थ्य केंद्र में राहुल (14) भ्ुाआताल , लक्ष्मी (20) मड़ोरा, अनिल , उर्मिला (35) झरेला, रेहाना (30) तोपखाना, नसरीन (45) दबगरान, मातादीन छिरिया सलेमपुर, दीपाली (17) पहाड़पुरा, अरविंद (22) साल चुर्खीवाल आदि मरीज भर्ती थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्साधिकरी डा. मुकेश राजपूत ने बताया कि इस वक्त सबसे अधिक मरीज लू लगने और पेट दर्द की शिकायत लेकर ही आ रहे हैं। वहीं प्राईवेट चिकित्सक डा. रमेश गुप्ता, एलपी पाल, अशोक श्रीवास्तव, सत्य नारायण गुप्ता, सीताराम, बृजेंद्र दुबे, श्यामप्रकाश श्रीवास्तव और डा. बीके महान के नर्सिंग होम्स में प्रतिदिन लू ओैर फूड प्वाइजन के सैकड़ों मरीज प्रतिदिन इलाज कराने आ रहे हैं। जबकि गरीब तबके के लोग तो झोला छाप डाक्टरों की शरण में जा रहे हैं।
इनसेट
बचाव के सुझाव
रिटायर्ड सीएमओ डा. एमपी सिंह ने लोगों से गर्मी में लू व उमस से बचने के लिये सुझाव दिए कि लोग ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें । इसके अलावा घर से निकलने से पूरी बांह के कपड़े और अंगोछा आदि का इस्तेमाल करें। छाते का प्रयोग करें । बाजार में सडे़ गले व कटे फ लों तथा सब्जियों का सेवन न करें। साथ ही बासी खाद्य वस्तुएं न खाएं और खान पान में सतर्कता बरतें।
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