उरई (जालौन)। भीषण गर्मी और उस पर बिजली किल्लत झेल रहे शहर में शनिवार की रात आई तेज आंधी और फिर हुई झमाझम बारिश ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी। आंधी के कारण जहां रात को झूलते बिजली के तारों से जमकर चिंगारियां फूटी और तार टूटकर सड़कों पर गिरने से कई मोहल्लों की बिजली गुल हो गई। बाजारों की दुकानों में लगी टीन शेड और तिरपाल तक उड़ गए। वहीं सुबह जब लोगों की आंख खुली तो घरों के सामने जलभराव देख रविवार की छुट्टी का सारा मूड ही बिगड़ गया। लोगों का कहना है भगवान ने तो गर्मी से राहत देने का काम किया लेकिन नगर पालिका के लापरवाह सफाई कर्मियों और बिजली विभाग के कर्मियों ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया। रविवार की सुबह तक कई इलाकों की बिजली गुल रही और शाम तक मोहल्लों में कीचड़ व जलभराव की स्थिति बनी रही।
मालूम हो कि बीते तीन चार दिनों से पारा 45 के पार होने से लोगों का गर्मी से बुरा हाल था। शनिवार की रात तकरीबन दो बजे के आसपास आसमान पर बादल छाए और तेज हवाएं चलने लगी। देखते ही देखते तेज हवाओं ने आंधी की शक्ल ले ली और फिर बाजारों की छोटी दुकानों की छतों पर रखी फाइबर टीन शेड और तिरपाल भी तेज आवाज के साथ उड़-उड़ कर पड़ोसियों के घरों तक पहुंचने लगी। अभी आंधी का सिलसिला खत्म भी नही हुआ था कि हवा के साथ ही जोरदार बारिश भी शुरू हो गई। बारिश भी ऐसी थी कि मानो मानसून की पहली बारिश रही हो। इसके बाद पूरा रात रुककर तेज बारिश का सिलसिला बना रहा। रविवार की सुबह आठ बजे तक आसमान पर काले बादल भी छाए रहे और 45 व 46 डिग्री के बीच का तापमान झेल रहे लोगों को गर्मी से काफी राहत महसूस हुई। हांलाकि सुबह के दस बजते बजते फिर से तेज धूप ने शहर को अपनी चपेट में ले लिया, मगर हवाओं में नमी बरकरार रही।
टूट कर सड़कों पर गिरे बिजली के तार
आंधी के साथ ही जेल रोड पर रखे दो ट्रांसफार्मरों से जाने वाली लाइन के तार चिंगारी के साथ टूटे और उनसे जुड़े मोहल्लों की बत्ती गुल हो गई। इसी तरह अस्पताल रोड पर और राजेंद्र नगर में उजागर लाल के मकान के पास भी हवा के झोकों के साथ ही झूलते तारों से चिंगारियां फूटी और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। यही हाल कचहरी रोड के पास भी तारों का हुआ और पटेल नगर स्थित खट्टर वाली गली में तारों के टूटने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। बारिश के कारण बिजली विभाग ने भी किसी फाल्ट की सुध नही ली। जबकि बिजली विभाग का दावा है कि बारिश रुकते ही सुबह तक आंधी से हुए सारे फाल्ट को ठीक करा दिया गया है।
जर्जर सड़कों पर रहा कीचड़ और जलभराव
पिछले तकरीबन दस दिनों से पालिका के सफाई कर्मी नाला सफाई में जुटे हैं, लेकिन शनिवार की रात हुई कुछ देर की बारिश ने ही उनकी सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। वहीं जर्जर सड़कों वाले इलाकों में भी कीचड़ और जलभराव से लोग खासे परेशान रहे। सुशील नगर, रामनगर, डाकखाना गेट, इंदिरा नगर इत्यादि इलाकों में लोग जब रविवार की सुबह घरों से बाहर निकले तो उनके सामने कीचड़ और जलभराव था। जैसे तैसे लोग उसी कीचड़ जलभराव से गुजरते रहे और विभागीय कर्मचारियों को कोसते रहे।