जालौन। अंधाधुंध बिजली कटौती से पानी का संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में मोहल्लों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों पर महिलाओं, बच्चों व पुरुषों की लंबी लाइन लग रही है। पहले पानी भरने को लेकर झगड़ा-फसाद तक की नौबत खड़ी हो रही है। वहीं, जल संस्थान के अफसरों का इस बाबत कहना है कि पर्याप्त बिजली न मिलने से जलापूर्ति प्रभावित हो रही है।
अंधाधुंध बिजली कटौती का असर अब जलापूर्ति पर पड़ने लगा है। रात-रात भर बत्ती गुल रहने से पानी का संकट गहराने लगा है। मोहल्लों में लगे हैंडपंपों पर लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। पहले पानी भरने की होड़ में महिलाएं आपस में झगड़ रही हैं। हाल यह है कि लोग सुबह 5 बजे से ही हैंडपंपों पर लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। उधर, जल संस्थान के अवर अभियंता की माने तो जब तक बिजली विभाग के रोस्टर तथा अंधाधुंध कटौती पर विराम नहीं लगेगा, तब तक नगर की जनता को इसी प्रकार पानी की किल्लत झेलनी पड़ेगी। जल संस्थान के अवर अभियंता एसके निरंजन ने बताया कि उन्हें पानी की टंकी भरने के लिए रात में लगातार 6 घंटे बिजली की आवश्यकता है। इसके बाद मोहल्लों में जलापूर्ति करने के लिए दो घंटे और मिलने चाहिए। तब कहीं पेयजल समस्या से निपटा जा सकता है। कुल 8 घंटे बिजली सुचारू ढंग से मिलती रहे तब कहीं जाकर पेय जल की समस्या हल हो सकती है। लेकिन ऐसा होता संभव नहीं दिख रहा है। शाम 6 बजे से रात्रि 11 बजे तक एक मुस्त मिलने वाली विद्युत आपूर्ति में भी कटौती हो रही है। सुबह 7 बजे से मात्र तीन घंटे क ी ही बिजली दी जा रही है। ऐसे में पानी की समस्या दिन प्रतिदिन गहराती जा रही है। उधर, विद्युत उपखंड अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता का कहना है कि लखनऊ से जारी रोस्टर के हिसाब से बिजली कटौती की जा रही है।