उरई (जालौन)। जिले में विचित्र बुखार से दो भाइयों सहित पांच लोगोें की मौत हो गई है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। आएदिन लोग विचित्र बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
कुठौंद प्रतिनिधि के मुताबिक थाना क्षेत्र के ग्राम पंडितपुर निवासी नाथूराम के दो पुत्र मुकेश (15) एवं अभिलाख (17) को दो दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने सीएचसी मेें इलाज करवाया लेकिन आराम नहीं मिला। आज दोनों भाइयों को तेज बुखार चढ़ा। परिजन उन्हें लेकर जिला चिकित्सालय आ रहे थे तभी रास्ते में दोनों की मौत हो गई। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। दोनों भाइयों की मौत से घर का चिराग ही बुझ गया। पिता नाथूराम व मां गुड्डी देवी की तो दुनिया ही उजड़ गई। यही नहीं इस गांव में अजय (18), नीता (20), राजाराम (10), कल्लू (15), कल्लो देवी (30), उमा देवी (70), रामवती (65) सहित आधा सैकड़ा लोग बुखार से पीड़ित हैं। गांव में डॉक्टरों की टीम तो गई लेकिन जांच में खानापूर्ति कर वापस लौट आई है। उधर कालपी प्रतिनिधि के अनुसार नगर के मुहल्ला इंद्रा नगर निवासी ज्ञानेंद्र सिंह (24) पुत्र अमर सिंह चंदेल को पिछले सात दिनों से बुखार आ रहा था। पहले उनका उरई में इलाज चलता रहा लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें झांसी रेफर कर दिया। झांसी से दिल्ली ले जाते वक्त ज्ञानेंद्र की मौत हो गई। उधर माधौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम मिझौना निवासी लला दुबे की (28) पत्नी सीमा दुबे भी विचित्र बुखार से पीड़ित थी। परिजन उसे जिला चिकित्सालय लाए जहां उसकी हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया था। रास्ते में उसकी मौत हो गई। शहर के मुहल्ला पटेल नगर निवासी तुलसी धाम के पास रहने वाली एक और महिला की विचित्र बुखार से मौत हो गई लेकिन उनका नाम पता नहीं चल सका।