कोंच (जालौन)। मध्याह्न भोजन योजना की जांच-पड़ताल के लिए डीएम राम गणेश ने लेखपालों और सचिवों को लगाया। इससे एमडीएम की हकीकत पता चल सके। इसी के तहत शुक्रवार को ग्रामीण अंचलों में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के अलावा सहायता प्राप्त स्कूलों में लेखपालों, और सचिवों ने मुआयना किया। हल्की फुल्की कमियों को छोड़ कर सब कुछ ठीक ठाक मिला।
कोंच ब्लॉक में सचिव पवन तिवारी ने सात गांवों घमूरी, इमलौरी, बरोदा कलां, खैरी, चमेंड़, जुझारपुरा, फुलैला आदि में प्राथमिक, जूनियर और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में एमडीएम की हकीकत परखी। गुणवत्ता जानने के लिये भोजन भी चखा, किसी तरह की शिकायत नहीं होने की रिपोर्ट दी गई है। लेखपालों ने भी स्कूलों में चल रही रसोइयों का निरीक्षण किया। घमूरी स्कूल में हैंडपंप की चेन टूटी होने को लेकर प्रधान से उसे रिपेयर कराने के लिए कहा गया। ग्राम बरोदा के प्राथमिक स्कूल के हैंडपंप के पानी में बालू आने की शिकायत मिली, यह भी बताया गया कि यह पानी पीने से कई बच्चे बीमार हो चुके हैं। सचिवों प्रमोद सोनी, आदित्य श्रीवास्तव, नरेश दुवे, मंगलदास, गिरिजाशंकर आदि ने भी अपने अपने गांव चेक किए।
उधर, नदीगांव विकास खंड में सचिव लक्ष्मण चौरसिया ने जैतपुरा, ऐवरा, सींगपुरा, लाड़ूपुरा, कैमरा, नई मऊ, मऊ भरतपुर, ढिमरपुरा, जगनपुरा, बुढेरा, मनसुखपुरा आदि गांवों के विद्यालयों में एमडीएम की स्थिति का जायजा लिया। सचिव अमर सिंह ने ब्यौना, कैलिया, कुदइया में प्राइमरी और जूनियर स्कूलों का निरीक्षण किया जहां स्थिति ठीक ठाक मिली। सचिव शील निधि शुक्ला, मनोज कुमार, देवेंद्र निरंजन, राकेश त्रिपाठी आदि की भी निरीक्षण रिपोर्टें जिला प्रशासन को भेजी गई हैं।