उरई (जालौन)। कैबिनेट मंत्री शिव कुमार बेरिया और जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष सोहराब खान ने कुठौंद बुजुर्ग में शहीद अवध बिहारी के परिजनों को आश्वासन दिया कि पांच से सात दिन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गांव आएंगे। कैबिनेट मंत्री ने शहीद के दोनों लड़कों को राज्य सरकार में नौकरी देने की बात कही।
शहीद की पत्नी उमादेवी, मां मालती देवी, दादी मान कुंवर, पिता राम कुमार और उसके दोनों पुत्र कुलदीप व रामवीर इस बात पर अड़ गए कि शहीद का शव तभी उठेगा जब मुख्य मंत्री अखिलेश यादव यहां आएंगे। शहीद के पिता रामकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री आपसी रंजिश में हुई मौत पर मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाने जाते हैं। यहां पर एक सैनिक मातृभूमि के रक्षा के लिए आतंकियों से लड़ते-लड़ते शहीद हो गया। उधर, ग्रामीण बोले कि जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आतंकी हमले में कश्मीर में मारे गए सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि देने जा सकते हैं तो अखिलेश यादव यहां क्यों नहीं आ सकते।
मंत्री बेरिया ने उन्हें बताया कि प्रदेश सरकार शहीद अवध बिहारी के दोनों पुत्रों को शीघ्र नौकरी देगी। डीएम रामगणेश ने परिजनों की मांग पर शहीद अवध बिहारी के नाम गांव का मुख्य द्वार तथा समाधि बनाने का आश्वासन दिया।
अखिल भारती खांगर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह पिंडारी, वरिष्ठ नेता ज्ञान सिंह खांगर ने कहा कि दुख के समय में कोई राजनीति न करे।