कोंच (जालौन)। झांसी मंडलायुक्त सत्यजीत ठाकुर ने शुक्रवार को कोंच तहसील, कोतवाली और खंड विकास कार्यालय का निरीक्षण किया। आपूर्ति निरीक्षक तहसील क्षेत्र में कार्ड धारक नहीं बता पाए। कोतवाली और तहसील के अन्य कार्यालयों में तमाम अभिलेख उन्होंने खंगाले और ‘ऑल इज वेल’ कह कर चले गए। रजिस्ट्री दफ्तर में मुआयने के दौरान कमिश्नर ने निर्देश दिये कि किसी भी रजिस्ट्री के वक्त संबंधित व्यक्ति से नगर पालिका और तहसील की एनओसी जरूर मांगी जाए, ताकि किसी भी तरह की जालसाजी की संभावना ना हो।
यहां की चंदेल कालीन ऐतिहासिक धरोहर सागर तालाब को भी देखा और उसकी सूरत को लेकर सुंदरीकरण और साफ सफाई की आवश्यकता जताई। तहसील में उन्होंने तहसीलदार कोर्ट, उपकोषागार, आपूर्ति कार्यालय, एकल खिड़की कक्ष की व्यवस्थाएं आदि की बड़ी ही गहराई से पड़ताल की। एकल खिड़की कक्ष में आय, जाति, निवास के आवेदन दस जनवरी से लंबित होने के बारे में बताया गया कि जो आवेदन अधूरे हैं। उपकोषागार में उन्होंने स्टाम्पों के बारे में पूछा और मिले उत्तर से संतुष्ट दिखे। आपूर्ति कार्यालय में तहसील में कुल कार्ड धारकों की संख्या के बारे में प्रश्न किया तो आपूर्ति निरीक्षक रामस्वरूप बगलें झांकने लगे।
कोतवाली में मुंशियाने में गहराई से पड़ताल करने के बाद शस्त्रागार और मालखाने का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने खंड विकास कार्यालय बारीकी से मुआयना किया। पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया के विशेष आग्रह पर उन्होंने चंदेलकालीन ऐतिहासिक सागर तालाब का निरीक्षण किया, उसके आकार प्रकार को वे काफी प्रभावित हुए और उसकी साफ सफाई तथा सुंदरीकरण की आवश्यकता जताई।
कमिश्नर ने पत्रकारों से से कहा कि छोटी मोटी खामियों के अलावा निरीक्षण संतोष जनक है। उन्होंने खामियों के लिये स्टाफ कम होने को कारण बताया। कोतवाली के निरीक्षण से भी वे संतुष्ट दिखे। इस दौरान डीएम रामगणेश, एसपी राकेशशंकर, सीडीओ एसएन सिंह, एडीएम लोकपाल सिंह, एसडीएम वैभव मिश्रा, सीओ चक्रपाणि त्रिपाठी, तहसीलदार एके सिंह, आदि रहे।