उरई (जालौन)। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पत्रकार वार्ता में लोकायुक्त पर ही सवाल उठा दिए। कहा कि जो लोकायुक्त मेरे खिलाफ जांच कर रहे हैं उनके बारे में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा पद पर हैं या की नहीं। क्योंकि उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि बसपा के लोगों को बेवजह बदनाम करने के लिए ही मेरे खिलाफ इस तरह की जांचें कराई जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा भी है कि लोकायुक्त पद पर एनके मेहरोत्रा हैं भी कि नहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को इस समय तमाम जनपदों के नाम व प्रमुख संस्थानों के नाम बदलने का भूत सवार है। संस्थानों और जिलों के नाम बदलने से कुछ नहीं होता। महापुरुषों के नाम तो लोगों के दिलों में हैं।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने आठ माह के कार्यकाल में कोई भी ऐसा कार्य नहीं कर पाई जिसका सुखद अहसास जनता को हुआ है। इस सरकार की वजह से आठ स्थानों पर दंगे हुए। थानों की नीलामी शुरू हो गई। जबकि जनता आज भी कहती है कि कानून का राज बसपा सरकार में ही था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लोकसभा के एक दो प्रत्याशियों को छोड़ हमने सभी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। दावा किया कि बसपा लोकसभा की 60 सीटें जीतेगी।
पत्रकार वार्ता में बसपा प्रदेशाध्यक्ष राम अचल, राज्यसभा सांसद बृजलाल खाबरी, पूर्व मंत्री चैनसुख भारती, अकबर अली, जिलाध्यक्ष मूलशरण कुशवाहा, विधायक संतराम कुशवाहा, संजय दमरास, श्रीपाल अहिरवार समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।