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दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त 8.04 से 9.44 बजे तक

Sat, 29 Oct 2016 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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बाजार में सजी खील की दुकान। - फोटो : अमर उजाला
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दीपावली पर घर से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठान व फैक्ट्रियों मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। रविवार को दीप पर्व मनाने के लिए शनिवार को दिन भर तैयारी चलती रही। पंडितों के अनुसार गृहस्थों के लिए पूजन का शुभ मुहूर्त रात 8.04 बजे से 9.44 बजे तक है। इस दौरान पूजन से विशेष लाभ की प्राप्ति होगी। विधि विधान से शुभ
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मुहूर्त में पूजा अर्चना करने के लिए नरक चौदस (छोटी दीपावली) पर पूरे दिन तैयारियां होती रही। पूजन सामग्री से लेकर अन्य वस्तुओं की खूब खरीद हुई। सुबह से लेकर रात तक बाजार भीड़ से खचाखच भरे रहे। किसी ने खील, गट्टा, मूर्तियां ली तो किसी ने मां लक्ष्मी जी के लिए चुनरिया खरीदी। इसके अलावा बर्तन खरीद से लेकर कपड़ा और आभूषणों की भी

खूब बिक्री हुई। प्रशासन भी अलर्ट रहा। चौराहों पर सिपाही तैनात रहे। शहीद भगत सिंह चौराहे से घंटाघर के लिए बड़े और छोटे वाहनों का प्रवेश नहीं होने दिया।
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कीमती मिठाइयों के साथ खूब बिके खील, गट्टा
लक्ष्मी पूजन के लिए फल और मिठाई के साथ खील, गट्टा के साथ शक्कर के बने खिलौने खूब बिके। मिष्ठान भंडारों पर 350 रुपये प्रति किलो से लेकर एक हजार रुपये किलो तक की मिठाई की बिक्री हुई। खील गट्टा और खिलौना 70 रुपये से लेकर 80 रुपये किलो तक बिके। शहर में घंटाघर, बल्दाऊ चौक, अंबेडकर चौराहा, स्टेशन रोड, करमेर रोड एवं मुख्य बाजार में सजी दुकानों पर खरीददारों की भीड़ रही।

मिट्टी के दीये रहे पहली पसंद
दीपोत्सव मनाने के लिए मिट्टी के दीये लोगों की पहली पसंद रहे। इस बार चीनी दीये में किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। यही वजह रही कि मिट्टी के दीये खूब बिके। इसके अलावा जरूरत के हिसाब से मोमबत्ती, रुई की बत्ती और बिजली की रंगबिरंगी झालरों की भी खूब बिक्री हुई।

लक्ष्मी की लाल चुनरी,भगवान गणेश के लिए पीत वस्त्र
मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने के लिए पूजन सामग्री की जमकर बिक्री हुई। मिट्टी की मूर्तियों के साथ माला खरीदी गई। लक्ष्मी माता के लिए लाल चुनरी सबकी पहली पंसद रही तो वहीं भगवान गणेश की पोशाक भी खूब बिकी। अगरबत्ती से लकेर अन्य पूजन सामग्री की जमकर खरीददारी हुई।

पटाखा बाजार रहा गुलजार
छोटी दीपावली पर पटाखा बाजार भी खूब गुलजार रहा। यहां पर महंगाई का असर बिल्कुल नहीं दिखाई दिया। अंबेडकर चौराहे के पास सजी दुकानों से फुलझड़ी, राकेट, बारह आवाजों के पटाखा से लेकर अनार और अन्य बारूद खरीदी गई।

ऐसे करें पूजन
ज्योतिषाचार्य गौरव महाराज के अनुसार शुभ मुहूर्त में विभिन्न रंगो से अष्टदल, कमल जमीन में बनाकर वहां स्वच्छ चौक स्थापित करें। लाल रंग का आसन बिछाएं और फिर सबसे पहले भगवान गणेश की स्थापना करें, दायीं ओर माता लक्ष्मी और बाईं ओर श्री कुबेर की स्थापना करें। मूर्तियों के सामने कलश स्थापित करें। नौग्रह स्थापित करें। इसके पूजन करें और दीप जलाएं। शंख घड़ियाल के साथ आरती करें। घर के हर कोने में दीप रखें जिससे हर ओर प्रकाश फैले।

प्रतिष्ठानों में सुबह 11.20 बजे से पूजन
ज्योतिषाचार्य पंडित गौरव महाराज के मुताबिक दीपावली का पर्व सुख समृद्धि, एश्वर्य, वैभव और लक्ष्मी के आने का पर्व है। इसमें शुभ मुहूर्त में पूजन करने का विशेष फल प्राप्त होता है। ग्रहस्थों के लिए पूजन का सही समय रात 8.04 बजे से 9.44 तक रहेगा। यह मुहूर्त मिथुन लग्न में है आया है। इस लग्न का स्वामी बुध है जो अत्यंत लाभकारी है। इस मुहूर्त में पूजन

करने से मन बांछित फल प्राप्त होता है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों और फैक्ट्रियों में अविजित बेला में पूजन करना शुभ है। यह बेला सुबह 11.20 से 12.40 बजे तक है। धनुलग्न का स्वामी बृहस्पति है इसमें प्रतिष्ठानों की पूजा लाभकारी है।

लक्ष्मी पूजन के चार मुहूर्त

पहला मुहूर्त - व्यापारी वर्ग के लिए पूर्वांह 11.20 बजे से 12.40 तक अविजित बेला में पूजन करना अत्यंत शुभकारी माना गया है।

दूसरा मुहूर्त - घर और दुकानों में मां लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष बेला में पूजन अर्चन करना लाभकारी है। सांय 5.20 से लेकर 6.17 बजे तक का शुभ मुहूर्त है।
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तीसरा मुहूर्त - कुबेर मुहूर्त में माना गया है। रात में 8.04 से लेकर 9.44 बजे तक घर में लक्ष्मी जी की पूजा का शुभ मुहूर्त है।

चौथा मुहूर्त - रात 10.27 बजे से लेकर 11.30 बजे तक इंद्र मुहूर्त है। इसमें समस्त प्रकार की पूजा अत्यंत लाभकारी रहेगी।
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