जीआईसी स्कूल में नन्हा कलाम परीक्षा का निरीक्षण करते एडीएम व जिला विद्यालय निरीक्षक
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उरई। जिला प्रशासन के नवाचार कार्यक्रम के तहत कौन बनेगा नन्हा कलाम के दूसरे चरण की प्रतियोगिता का आयोजन तहसील स्तर पर हुई। तहसील के 11 परीक्षा केंद्र पर आयोजित की गई। जिसमें 3565 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। 694 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
डीआईओएस भगवत पटेल ने बताया कि तहसील स्तर पर 11 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। उन्होंने बताया कि पहले चरण की सितंबर में हुई परीक्षा में 89760 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 82450 छात्र.छात्राओं ने प्रतिभाग किया था। जिसमें विद्यालय स्तर पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को तहसील स्तर पर आयोजित होने वाली परीक्षा में प्रतिभाग करना था। डीआईओएस ने बताया कि 15 नवंबर से 24 नवंबर तक तहसील स्तर पर विज्ञान जानो कार्यशाला आयोजित की गई थी। जिसमें मोबाइल बैन, प्लेनेटोरियम, विज्ञान वर्ग एवं टेलिस्कोप के माध्यम से बच्चों को विज्ञान विशेषज्ञों द्वारा विज्ञान को जानो नवप्रवर्तन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई थी।
दूसरे चरण की परीक्षा के लिए 4259 अभ्यर्थियों में से जूनियर वर्ग में 2650 एवं सीनियर वर्ग में 915 मिलाकर कुल 3565 प्रतिभागियों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। जिसमें एसडीएम तहसीलदार और बीडीओ को पर्यवेक्षक जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। एडीएम पीके सिंह, मुन्नीलाल वर्मा, रामगोपाल ने भी परीक्षा का जायजा लिया। बच्चों ने परीक्षा समाप्त के बाद कुछ बच्चों से पूछा तो उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन से हम लोगों में प्रेरणा आती है और वैज्ञानिक सोच पैदा होती है। कौन बनेगा नन्हा कलाम परीक्षा से और उसकी कार्यशाला से बहुत कुछ सीखने को मिला।