शिविर में उपस्थित ग्राम प्रधान व अन्य।
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एक दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण शिविर में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षित किया गया। गांव के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा ग्रामीण अंचल के लिए संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रों को मिले, इसके लिए पात्रता चयन में निष्पक्ष रहने केे निर्देश दिए गए। गांव क्षेत्र में कुपोषण और
खाद्य सुरक्षा अधिनियम पर काम करने की सलाह भी दी गई। शनिवार को शहर केे जानकी पैलेस में हुए शिविर में जिलाधिकारी रामगणेश ने 575 ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रधानों को गांव के विकास में योगदान करने के लिए निष्पक्षता से काम करने को कहा। डीएम ने कहा कि वह जनकल्याणकारी योजनाओं में अपात्रों का चयन न होने दें। मुख्य विकास
अधिकारी एसपी सिंह ने सीख दी कि वह गांव के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करके गुणवत्ता के साथ काम करें, जिससे गांव की गलियों में विकास साफ देखने को मिले। उन्होंने कहा कि हर वार्ड में सफाई के पुख्ता इंतजाम रहे। डीसी मनरेगा प्रमोद कुमार चंद्रौल ने महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के बारे में जानकारी दी। कहा कि किसी भी ग्राम पंचायत में
जाबकार्ड धारक काम से वंचित न रहें, सूखे को देखते हुए सरकार ने डेढ़ सौ दिन काम का शासनादेश जारी किया है, इस पर सभी को अमल करना है। विधवा, विकलांग, वृद्धा, समाजवादी पेंशन में पात्रों के चयन की प्रक्रिया को बताया गया। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कोई भी पात्र गृहस्थी छूटने नहीं चाहिए। इसकी जानकारी दी गई। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष अमित
द्विवेदी इतिहास ने कहा कि सभी को मिलकर सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में अपना योगदान करना है। इस मौके पर डीपीआरओ मोहम्मद सरफराज आलम, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक चित्रसेन सिंह, एक्सईन जलनिगम सुखलाल के साथ ग्राम प्रधान मौजूद रहे।