सिर्फ एक रुपये में देख सकेंगे प्रत्याशी के खर्च का ब्योरा
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प्रतिदिन के हिसाब से जमा करना होगा एक रुपया
अमर उजाला ब्यूरो
उरई (जालौन)। अब मतदाता व अन्य किसी को चुनाव के दौरान प्रत्याशी के खर्च के बाबत जानकारी हासिल करने के लिए किसी विभाग व अधिकारी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। मुख्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में कोई भी मतदाता मात्र एक रुपये जमा कर प्रत्याशी के खर्च का लेखा जोखा देख सकेंगे। इसके लिए आवेदक को सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा। प्रतिदिन के हिसाब के खर्च के लिए एक रुपये जमा करना होगा। इसके बाद उसे प्रत्याशी के खर्च का ब्योरा दे दिया जाएगा।
लोकसभा चुनाव के दौरान धन का दुरुपयोग रोकने व प्रत्याशियों की खर्च सीमा पर निगरानी के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए है। इसके तहत निर्वाचन व्यय निगरानी के लिए कई टीमों का गठन किया है। इन टीमों पर नजर बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी भी नामित किया गया है। साथ ही जिला प्रशासन ने चुनाव में कालेधन के प्रयोग को रोकने के लिए जिला स्तर पर टोल फ्री नंबर के साथ व्हाटसएप व हेल्प लाइन नंबर भी जारी किए है। इससे प्रत्याशियों के चुनावी खर्च पर विशेष नजर रखी जाएगी।
इसके साथ ही जिला प्रशासन ने निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में चुनाव के दौरान किसी भी प्रत्याशी की खर्च का ब्योरा जानने की भी व्यवस्था की है। इसमें कोई भी व्यक्ति लिखित आवेदन के साथ एक रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जमा कर प्रत्याशी के खर्च का ब्योरा जान सकेगा। अपर जिला निर्वाचन अधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग का निर्देश है कि कोई भी व्यक्ति अगर चुनाव के दौरान प्रत्याशी के खर्च का ब्योरा जानना चाहता है तो उस व्यक्ति से तय शुल्क जमा कर उसे संबंधित प्रत्याशी का ब्योरा दिया जाएगा।
उधर, लोकसभा चुनाव में इस बार प्रत्याशी के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी निर्वाचन आयोग की नजर रहेगी। सोशल मीडिया के खर्च को भी प्रत्याशी के खर्च में जोड़ा जाएगा, जिससे की प्रत्याशी के खर्च का सही मूल्यांकन हो सके।
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सभी कमेटी समन्वय बनाकर करेंगी कार्य
अपर जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन के दौरान व्यय निगरानी समिति राजनीतिक दलों तथा प्रत्याशियों के प्रचार प्रसार और उनके द्वारा किए जा रहे जनसंपर्क के विभिन्न माध्यमों व जनसंपर्क के लिए किए जा रहे उपक्रमों के व्यय का लेखा जोखा तैयार करेंगी। व्यय निगरानी कमेटी, निर्वाचन क्षेत्र के लिए गठित वीडियो निगरानी दल, वीडियो अवलोकन दल, लेखा कमेटी, एससीसी, नियंत्रण कक्ष के सहयोग तथा समन्वय से काम करेंगा, जो प्रत्याशियों के खर्च तय करेगा।
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कमेटियों को दी जा चुकी है ट्रेनिंग
कमेटियां किस तरह से खर्च का मूल्यांकन करेंगी, इसको लेकर हाल ही के दिनों में कमेटियों के सदस्यों को विशेष ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इसमें जिला प्रशासन व निर्वाचन आयोग के भेजे गए विशेष ट्रेनरों अधिकारियों को अपनी अपनी जिम्मेदारी के साथ कैसे खर्च का मूल्यांकन करना है इसके भी गुर सिखाए है।
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बुंदेलखंड पृथक राज्य को घोषणापत्र में शामिल करने की मांग
-कांग्रेस प्रत्याशी को सौंपा मांग पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
जालौन। बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के बैनरतले लोगों ने अलग बुंदेलखंड राज्य बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी को मांग पत्र सौंपा है। साथ ही पार्टी के घोषणा पत्र में इसे शामिल किए जाने की मांग की है।
बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदुम्न दीक्षित के नेतृत्व में ऊदल सिंह, सोहिल, विजय सिंह, ताज मोहम्मद, वसीम हक, मोहम्मद अय्यूब, भूरे पहलवान, विनोद, सनोज सक्सेना आदि ने कांग्रेस प्रत्याशी बृजलाल खाबरी को मांगपत्र सौंपा। उन्हें बताया कि आजादी के बाद से ही बुंदेलखंड राज्य उपेक्षित रहा है। बुंदेलखंड क्षेत्र को विकास की धारा में लाने के लिए बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा निरंतर संघर्षशील है। बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का भी मानना है कि उनका विकास तभी संभव है, जब अलग बुंदेलखंड राज्य बनेगा। इस मौके पर चंद्रशेखर विश्वकर्मा, गंगाराम विश्वकर्मा, मोहम्मद आफताब, नौशाद, शरीफ, अंगार, सिकंदर, आदिल आदि मौजूद रहे।