सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाती चुनाव चिन्ह लेने के लिए जुटी प्रत्याशियों की भीड़
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जालौन। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ब्लॉक क्षेत्र की 62 ग्राम पंचायतों में नामांकन वापसी के साथ ही अब कुल 449 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य के 62 पदों पर 276 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमाएंगे।
ब्लॉक क्षेत्र की 11 न्याय पंचायतों के 62 ग्राम प्रधान पदों पर कुल 564 दावेदारों ने नामांकन पत्र जमा किए थे। इनमें से दो नामांकनपत्र अपूर्ण होने के चलते निरस्त किए गए। इसके अलावा रविवार को 113 दावेदारों ने अपने नामांकनपत्र वापस ले लिए। इस प्रकार अब ब्लॉक क्षेत्र के 62 ग्राम प्रधान के पदों पर कुल 449 उम्मीदवार चुनाव में अपना भाग्य आजमाएंगे। इसी प्रकार क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) के ब्लॉक क्षेत्र में 62 पद हैं। इन पदों पर कुल 308 दावेदारों ने अपने नामांकन पत्र जमा किए थे।
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान एक नामांकन पत्र अपूर्ण होने के चलते उसे निरस्त किया गया। 307 नामांकन पत्रों में रविवार को 31 दावेदारों ने अपने चुनाव मैदान से हटते हुए अपने नामांकनपत्र वापस ले लिए। ऐसे में अब बीडीसी पद के लिए कुल 276 दावेदार मैदान में हैं। 62 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 742 पद हैं। इनके सापेक्ष मात्र 215 दावेदारों ने अपने नामांकनपत्र जमा किए थे लेकिन जांच के दौरान पांच नामांकन पत्र अपूर्ण होने के चलते उन्हें निरस्त कर दिया गया। अब 742 पदों के सापेक्ष मात्र 210 उम्मीदवार ही मैदान में हैं।
जालौन संवाद के अनुसार, त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में नामांकन वापसी व प्रतीक चिह्नों के आवंटन के दौरान ब्लॉक परिसर में भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान दावेदार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नहीं दिखे। सुबह 10 बजे से अपराह्न तीन बजे तक नामांकन वापसी का समय था। इसके बाद कार्य समाप्ति तक उम्मीदवारों को प्रतीक चिह्नों का आवंटन किया जाना था। लेकिन इससे पूर्व ही ब्लॉक परिसर के बाहर उम्मीदवारों की भीड़ उमड़ी रही। अपराह्न तीन बजते ही उम्मीदवारों को प्रतीक चिह्न आवंटन का कार्य शुरू हो गया। इस दौरान उम्मीदवारों की भीड़ ब्लॉक परिसर में उमड़ी रही। प्रतीक चिह्न लेने के दौरान उममीदवारों को सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रहा। उम्मीदवारों को गेट के बाहर चेकिंग के दौरान बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया गया लेकिन अंदर पहुंचते ही अफरातफरी के बीच काउंटरों पर जमा भीड़ को प्रतीक चिह्न लेने की होड़ लगी रही।