उरई। अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। विशेष अभियान के तहत एम-चेक एप के माध्यम से एक अप्रैल 2025 से 29 जनवरी 2026 तक कुल 433 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय व पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान 493 ऑनलाइन चालान जनरेट किए गए हैं। इन चालानों के माध्यम से दो करोड़ 54 लाख 53 हजार 960 रुपये की वसूली निर्धारित की गई है, जो लंबित है।
समीक्षा में पाया गया कि झांसी के 91 वाहनों पर 47.98 लाख रुपये, जालौन के 72 वाहनों पर 38.73 लाख रुपये, कानपुर देहात के 33 वाहनों पर 20.31 लाख रुपये और इटावा के 29 वाहनों पर 19.09 लाख रुपये की वसूली शेष है। राजस्थान के धौलपुर के 26 वाहनों पर 17.61 लाख रुपये निर्धारित हैं।
इसी प्रकार औरैया के 22 वाहनों पर 13.98 लाख रुपये, कानपुर नगर के 21 वाहनों पर 11.47 लाख रुपये, मैनपुरी के 19 वाहनों पर 11.47 लाख रुपये तथा फिरोजाबाद, एटा और अलीगढ़ सहित अन्य जनपदों के वाहनों पर भी लाखों रुपये की वसूली लंबित है। अन्य राज्यों के रोहतास (बिहार), मेवात (हरियाणा), ग्वालियर (मध्य प्रदेश), कोहिमा (नागालैंड) और लुधियाना (पंजाब) के वाहनों पर भी कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन वाहन स्वामियों ने निर्धारित धनराशि जमा नहीं की है, उनके खिलाफ संबंधित जनपदों के परिवहन अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर वाहनों को ब्लैक लिस्ट करते हुए परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, संजय कुमार, जिला खनिज अधिकारी, एआरटीओ सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।