उरई। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत जनपद स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस दौरान अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सालयों व स्टाफ के साथ ही निजी चिकित्सकों को भी सम्मानित किया गया।
चिकित्सा इकाई के लिए जिला महिला अस्पताल, सीएचसी रामपुरा व सीएचसी जालौन को सम्मानित किया गया। सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए डा. विनोद (माधौगढ़), डा. इदरीश (डकोर) डा.देवेंद्र भिटौरिया (नदीगांव), स्वैच्छिक रुप से सेवाएं देने के लिए निजी चिकित्सक डा. रेनू चंद्रा व डा. अंजना गुप्ता, अल्ट्रासाउंड सर्विस के लिए डा. एससी सचान (जालौन) डा. शालिनी मित्तल (कोंच), गर्भवती महिलाओं को श्रेष्ठतम सेवा प्रदान करने के लिए डा. रूबी राजपूत (माधौगढ़), डा. अनुपमा पाल (जालौन), डा. गरिमा सिंह (कदौरा) काउंसलिंग करने के लिए परामर्शदाता ममता (कदौरा) पूनम (माधौगढ़) बरखा राज (नदीगांव) को सम्मानित किया गया। इसके अलावा एएनएम आशा गोयल (महिला अस्पताल), विमला यादव (डकोर), विद्या देवी (कोंच), स्टाफ नर्स किरन पाल (रामपुरा),पुष्पा देवी (डकोर), शीलम चौहान (कुठौंद) लैब टैक्नीशियन दीपक सविता (माधौगढ़), सुरेंद्र पाल (कोंच), सोहेल खान (जालौन) को सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने शील्ड व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
सीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह की नौ तारीख को सभी चिकित्सा इकाइयों में आयोजित किया जाता है। इसमें गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है। इन सेवाओं को उपलब्ध कराने वाले सहयोग करने वाले स्टाफ को प्रोत्साहित करने के लिए यह समारोह आयोजित किया गया है। इससे अन्य स्टाफ भी प्रेरणा लेगा और अच्छा काम करेगा। इस दौरान एसीएमओ (आरसीएच) डा. बीएम खैर, एसीएमओ (प्रतिरक्षण) डा.सत्यप्रकाश, महिला अस्पताल की सीएमएस डा. सुनीता बनौधा ने भी विचार रखे। संचालन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डीपीएम डा. प्रेम प्रताप सिंह ने किया।
क्या है प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक पहल है, इसके तहत प्रत्येक माह की निश्चित नौ तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करना सुनिश्चित किया गया है। इसमें हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं की पूर्ण जांच की जाती है। जिसमें ये पता लगाया जाता है कि कहीं कोई गर्भवती महिला उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में तो नहीं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में एक दिन निर्धारित होने की वजह से सभी डॉक्टर और स्टाफ तैयार रहते है कि उन्हें इस दिन सभी गर्भवती महिलाओं की जांच करनी है।