कोंच। सरकारी क्षेत्र की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की सेवाएं पिछले कई महीनों से ध्वस्त चल रहीं हैं जिसके चलते ग्राहकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेटवर्क नहीं मिलने के कारण जहां बैंकिंग सेवाएं और लेनदेन प्रभावित होने से व्यापारी वर्ग परेशान है। वहीं कंपनी का नेटवर्क लिए आम ग्राहक भी बात नहीं कर पाने से परेशान है।
एक तरफ सरकार ऑनलाइन सिस्टम अपनाए जाने पर जोर दे रही है वहीं दूसरी तरफ सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की सेवाएं ग्राहकों को रुलाने पर आमादा हैं। पिछले कई महीनों से इस नेटवर्क की हालत पतली है, कभी सिग्नल नहीं मिलना तो कभी कभी सिग्नल होने के बाद भी इस नेटवर्क पर बात नहीं हो पाने से ग्राहक बहुत परेशानी महसूस कर रहे हैं।
बैंकों में आए दिन सर्वर गायब रहता है जिससे व्यापारियों को व्यापार कार्य करने में दिक्कतें हो रहीं हैं। विभागीय अभियंता इन खामियों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाते हैं और न ही सेवाएं दुरुस्त करने में उनकी कोई दिलचस्पी ही दिखाई देती है। स्थिति यह है कि ज्यादातर ग्राहक इस नेटवर्क को छोड़ कर दूसरे नेटवर्कों की तरफ जा रहे हैं।
उधर, रामपुरा में पिछले एक हफ्ते से दिन में बीएसएनएल फोन सेवाएं गड़बड़ाई हुई हैं। जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत सरकारी फोन नंबरों पर बात करने में हो रही है। इलाकाई उपभोक्ता कमलेश, देवेंद्र, पिंकी, बाबी, आशुतोष आदि का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से सिग्नल न आने के कारण समस्या का सामना करना पड़ रहा हैं।
अर्जेंट कामों के लिए खुद ही भागना पड़ रहा है, जो काम फोन से हो जाते थे। इस बाबत एसडीओ दूरसंचार वेदप्रकाश का कहना है कि तकनीकी कमी के कारण कुछ समस्याएं हैं लेकिन कमी उनकी पकड़ में आ गई है और इस पर काम हो रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
कई बार कर चुके हैं लिखित शिकायत
उरई। स्टेट बैंक आफ इंडिया के मैनेजर सूरज प्रकाश ने बताया कि कई बार इस समस्या को लेकर दूरसंचार विभाग के अधिकारियों को लिखित में भी अवगत कराया गया है लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है। कुछ दिन सर्वर ठीक रहता है लेकिन फिर गायब हो जाता है।
सर्वर नहीं मिलने से बैंकों में पेमेंट की दिक्कत
गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय गोयल बताते हैं कि बीएसएनएल सेवाएं बाधित होने से व्यापारियों को बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है क्योंकि किसानों को नकद भुगतान करना पड़ता है और जब बैंक के सर्वर ही डाउन होंगे तो लेनदेन प्रभावित रहता है और भुगतान नहीं मिल पाता है।
पैसा निकासी न होने से व्यापारी परेशान
थोक गल्ला व्यापारी विनोद दुबे का कहना है कि हालांकि सरकार डिजिटल ट्रांजेक्शन पर जोर दे रही है लेकिन गैर पढ़ा लिखा किसान इस बात को नहीं मानता है और उसे नकद भुगतान ही करना पड़ता है। बीएसएनएल सेवाएं बाधित होने से पैसों की निकासी नहीं हो पा रही है और व्यापार कार्य चौपट हो रहा है।
बीएसएनएल की सेवाएं कर रहीं परेशान
अधिवक्ता लालजी सिंह गुर्जर ग्रामीण इलाके से आते हैं, उनका कहना है कि वह बीएसएनएल नेटवर्क के पुराने ग्राहक हैं। उनका कहना है कि बीएसएनएल की सेवा इतना रुला रही हैं कि कभी-कभी बहुत जरूरी काम भी नहीं हो पाते हैं और बात कर पाना तो बहुत ही मुश्किल हो रहा है।