उरई। आगामी लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को मतदाता अपनी समस्याओं का मांगपत्र बनाकर देंगे और उनसे लिखित आश्वासन लेंगे कि उनकी समस्या को चुनाव जीतने के बाद कितने दिन में समाधान कर देंगे। जो प्रत्याशी उनकी मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन देगा, उसे ही अपना कीमती वोट देंगे। यह निर्णय एडीआर व यूपी इलेक्शन वाच के संयुक्त तत्वावधान में डकोर ब्लाक के ककहरा गांव में आयोजित मतदाता जागरुकता चौपाल में लिया गया।
यूपी इलेक्शन वाच के प्रदेश समन्वयक अनिल शर्मा ने कहा कि मतदाता ने अपना कीमती वोट दिया है। अब मतदाता को चाहिए कि वह जनप्रतिनिधियों से पांच साल के दौरान किए गए कामों का हिसाब मांगे। मतदाता यदि जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने लगेगा तो अपने आप बदलाव शुरू हो जाएगा क्योंकि अभी तक चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि मतदाता की पहुंच से दूर होने लगते है।
फिर वे चुनाव के दौरान ही मतदाता के घर आते हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की पेंशन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कर्मचारियों को पेंशन नहीं दी जा रही है तो जनप्रतिनिधियों को भी पेंशन लेने का हक नहीं है। पूर्व प्रधान कृष्णपाल सिंह ने कहा कि यह कौन सी नैतिकता है कि विधायक सांसद से ज्यादा वेतन भत्ता ले ले और सांसद व विधायक निधि भी लगभग बराबर हो गई है लेकिन गांव की समस्या दूर करने में जनप्रतिनिधि रुचि नहीं दिखाते हैं।
अध्यक्षता कर रहे संजीव सिंह ने कहा कि जब तक मतदाता सवाल पूछना शुरू नहीं करेंगे तब तक लोकतंत्र न तो मजबूत होगा और न ही पारदर्शिता होगा। इस दौरान शंकर शुक्ला, रामेंद्र सिंह, राजीव कुमार, मनीराम, दुर्गाप्रसाद कुशवाहा, श्रीनारायण, रामकेश आदि ने भी विचार रखते हुए प्रस्ताव का सर्वसम्मति से समर्थन किया।