रामपुरा (जालौन)। अमर उजाला के महाभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के अंतर्गत रामपुरा स्थित राजा चितर सिंह इंटर कालेज की छात्राओं के बीच पेंटिंग और रंगोली की कार्यशाला हुई। जिसमें छात्राओं ने चटक रंगों से रंगोली सजाकर नारी शक्ति को अपराजिता बताने का सफल प्रयास किया। वहीं पेंटिंग में भी छात्राओं ने नारी शक्ति के विभिन्न स्वरूपों को बखूबी रेखांकित किया। कालेज प्रबंधक केशवेंद्र सिंह जूदेव ने कहा कि नारी शक्ति की कोई बराबरी नहीं कर सकता है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी कार्यक्षमता के बूते पर पुरुषों के बराबर खड़ी हैं।
कार्यशाला का शुभारंभ छात्राओं ने सरस्वती वंदना से किया। इसके बाद कक्षा 9 से लेकर 12 तक की छात्राओं ने फर्श पर रंगोली बनानी शुरू की। किसी ने एक ही रंगोली में नारी तेरे रुप अनेक का प्रदर्शन कर उसे अपराजिता बताया वहीं दूसरे ग्रुप ने लाल, नीले, हरे रंगों का प्रयोग कर नारी के धैर्य और साहस दोनों को व्यक्त किया। इसी तरह पेंटिंग में भी छात्राओं ने प्रतिभा दिखाई।
स्केच कलर के माध्यम से किसी ने झांसी रानी तो किसी ने मदर टेरेसा के चित्र बनाकर उनकी वीरता और ममत्व को झलकाया। कालेज की शिक्षिकाओं पारुल, पूजा और लक्ष्मी आदि ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि रंगोली और चित्रकला वह हुनर है, जिसके बूते भी छात्राएं आगे चलकर अपनी एक अलग पहचान बना सकती हैं। कहा कि आज समाज में बेटा बेटी का अंतर तेजी से मिट रहा है।
इसलिए बेटियों को चाहिए कि वे अपनी रुचि के अनुसार अपने विषयों का चयन करें और फिर पूरी मेहनत के साथ उसका अध्ययन कर जीवन में सफलता की सीढ़ियां चढ़ें। इसी कड़ी में कालेज की छात्राओं ने प्रबंधन के साथ छोटी से रैली भी निकाली। जिसमें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया। इसके बाद छात्राओं ने बढ़ चढ़कर शपथ पत्र भी भरे। इस दौरान प्रधानाचार्य जीतेंद्र सिंह सेंगर, संतोष केवट, अरुण सोनी, प्रिया पांडे, मधुरिका, अजय सिंह, विशू सिंह आदि मौजूद रहे।
काफी दिन बाद अवसर मिला
छात्रा संजना का कहना है कि काफी दिन बाद रंगोली बनाने का अवसर मिला, वह भी इतना अच्छा विषय था कि बनाते वक्त समय कैसे बीता पता ही नहीं चला।
नारी शक्ति की जानकारी मिली
छात्रा प्रिंसी के मुताबिक अपराजिता के माध्यम से नारी शक्ति के बारे में पता चला। जिसके बाद दिल और दिमाग में वाकई नई ऊर्जा का संचार हुआ।
बेटियां भी नहीं किसी से कम
छात्रा पूर्णिमा ने बताया कि कार्यक्रम का संदेश ‘बेटियां भी नहीं किसी से कम’ वाकई सराहनीय है, लोगों को भी अब अपनी सोच बेटियों के प्रति बदलनी चाहिए।
मौके तलाशें, फिर आगे बढ़ें
श्रुति का कहना है हर एक में कोई न कोई प्रतिभा होती है, जरूरत उसे पहचान कर सही मौका तलाशने की है। अवसर मिले, उसका फायदा उठाकर आगे बढ़ना चाहिए।