गल्ला मंडी परिसर में सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन बुधवार को किया गया। इसमें 16 सजातीय जोड़ों ने अग्नि के सात फेरे लेकर दांपत्य जीवन में प्रवेश किया। इस अवसर पर समाज के जनप्रतिनिधियों एवं सजातीय लोगों ने मौजूद रह कर नवयुगलों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में सपा नेता लाखनसिंह कुशवाहा, भाजपा के मूलचंद्र निरंजन, सपा के
प्रतिपालसिंह गुर्जर, भाजपा के सुनील शर्मा, महेन्द्रसिंह राठौर क्योलारी आदि ने भी इस आयोजन को समाज हित में बताया। कार्यक्रम में गोविंद राठौर, दुर्गाप्रसाद राठौर, डॉ. ब्रजमोहनसिंह राठौर, बलवीर सिंह राठौर सहित सैकड़ों की संख्या में गण्यमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी सुरेशचंद्र राठौर ने की। मुख्य अतिथि अशोक राठौर रहे।
ये बंधे विवाह बंधन में..
राठौर समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में रिंकी (माधौगढ़) ने अंशुल (गड़ेरना), अंजनीदेवी (पचीपुरा, खुर्द) ने रंजीत (पिरौना), गंगावती (क्योलारी) ने कृपालसिंह (अटा), प्रियंका (द्वारिकापुरी गरौठा) ने रामकिशोर (कैलिया), वंदना (क्योलारी) ने अजय (रामपुरा), रीना (उरई) ने (गोविंद कोंच), शिशुकुमारी बरहा भिंड ने वीरेन्द्र (आलमपुर), डोली (देवई) ने परशुराम
(बुढेरा), अनीता (मिझौना) ने विक्रमसिंह (उरई), प्रीति (तूमरा) ने अखिलेश (टीहर), पूनम (उरई) ने राजेश (मऊ), पूजा (कोंच) ने माताप्रसाद (कुदारी), भारती (खैरावर) ने रविकुमार (गोपालपुरा), निधि (विरगुवां, खुर्द) ने रिंकू (लहारियापुरवा), प्रीति (माधौगढ़) ने संजय (कोंच), रानी (आलमपुर) ने रामकेश (बड़ोखरी) के साथ सात फेरे लिए।
21 जोड़ों ने थामा एक दूसरे का हाथ
शाह समाज के सातवें हिंदू मुस्लिम सामूहिक शादी समारोह में 21 जोड़ों ने जीवन भर एक दूसरे के सुख दुख में साथ रहने की कसम खाई। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री अब्दुल कादिर ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलनों में न केवल समाज का उत्थान होता है बल्कि अमीरी व गरीबी की खाई भी पटती है।
कार्यक्रम में कालपी नगर पालिका अध्यक्ष कमर अहमद ने कहा कि सामूहिक शादी सम्मेलनों से दोनों पक्ष के लोग फिजूल खर्चों से भी बचते हैं। अध्यक्षता कर रहे पूर्व जिलाध्यक्ष हाजी सोहराब खान ने कहा कि मुस्लिम समाज में निकाह एक रस्म न होकर परिवार को चलाने की व्यवस्था है। वहीं, शहर काजी मौलाना साबिर ने बताया कि पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब
ने भी निकाह के बारे में कहा कि जो भी मुस्लिम शख्स निकाह नहीं करता है, वह हममें से नहीं हैं। सामूहिक विवाह के आयोजकों ने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का जरूरी सामान भी
भेंट किया। वहीं कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से डॉ. अब्दुल वारिस तथा असलम अंसारी ने किया। इस मौके पर सुरेश मास्टर बिचौली, महबूब मंसूरी, सकूर शाह, हमीद शाह, कादरी उरई, मंसब खां इमरान उल्ला जिलाध्यक्ष, जयदीप मिश्रा मीडिया प्रभारी, जर्रार कादरी, जमाल उद्दीन, राघवेंद्र शर्मा, नारायण सिंह सेंगर, जमालू राईन आदि मौजूद रहे।