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Jalaun News: 10 दिन में 37 बच्चे डायरिया से पीड़ित

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उरई। जिले में 10 दिन में 37 बच्चे कोल्ड डायरिया से पीड़ित हुए हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में चेकअप कराया गया। इनमें कई बच्चों को भर्ती करना पड़ा, जबकि कई का अभी भी इलाज चल रहा है।
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जनवरी की सर्दी ने बच्चों को सबसे ज्यादा परेशान किया। सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी से परेशान कई बच्चे इलाज के लिए अस्पतालों में अपने बड़ों के साथ पहुंचे। जिला अस्पताल के आंकड़ों की बात करें तो आठ जनवरी को सबसे ज्यादा बच्चे कोल्ड डायरिया से पीड़ित पहुंचे थे। इसके अलावा चार और पांच जनवरी को भी ठंड ने बच्चों को खूब सताया था। जिला अस्पताल में सर्दी की वजह से कोल्ड डायरिया के कुल 37 बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में हुआ। इनमें करीब 50 फीसदी बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर भर्ती किया गया।
इन बच्चों की उम्र हाल के बच्चों से लेकर करीब 12 साल तक की थी। कुछ को उनके परिवार के लोग निजी अस्पताल ले गए, जहां उन्होंने इलाज कराया। इसके अलावा सर्दी, बुखार जुकाम और खांसी के प्रतिदिन 20 से 25 के औसत से बच्चे जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। बुजुर्गों को भी यह बीमारी खूब सता रही है। फिजीशियन का आंकड़ा देखें तो प्रतिदिन 10 से 15 बुजुर्ग सर्दी से पीड़ित होकर जिला अस्पताल ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
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जिला अस्पताल में आठ जनवरी को सबसे ज्यादा ओपीडी रही। इस दिन 1,132 मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे। इसमें अधिकांश सर्दी से पीड़ित थे। इसी प्रकार एक जनवरी को 445, दो जनवरी को 855, तीन जनवरी को 741, चार जनवरी को 773, पांच जनवरी को 694, छह जनवरी को 766, नौ जनवरी को 521 और 10 जनवरी को 813 ओपीडी रही।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि बच्चों को ज्यादा तला भोजन न दें। दलिया, मूंग की दाल की खिचड़ी को प्रतिदिन किसी एक समय खिलाएं। इसके साथ ही ठंडा पानी न पिलाएं। हल्का गुनगुना कर उसे पिला सकते हैं। बच्चे ठंडी चीज न खाएं, इसके लिए निगरानी करें। यदि ऐसे फल वे खाते हैं, जो ठंडे होते हैं, वह कोल्ड डायरिया का कारण बन सकते हैं। गर्म खाना खिलाएं। ऊनी कपड़े, खासतौर पर तीन लेयर में बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। कान, नाक और सीने में ठंड न लगे, इसके पूरे इंतजाम करें। कोई भी तकलीफ होती है तो फौरन डाक्टर से कंसल्ट करें।
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