उरई। अमर उजाला के महाभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के अंतर्गत कोंच रोड स्थित एसएस कालेज में पंख नहीं, हुनर ही पहचान मेरी विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें डीएलएड की छात्राओं को बताया गया कि नारी में असीम शक्ति है, अगर वह ठान ले तो उसके लिए कोई काम मुश्किल नहीं हैं। बस मन में पक्का इरादा और अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, फिर नारी को सम्मान पाने से कोई रोक नहीं सकता है।
महाभियान का शुभारंभ डीडीओ मिथलेश सचान ने दीप जलाकर किया। इसके फिर छात्राओं ने स्वागत गीत और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। डीडीओ ने बताया कि विदेशी आज भी बुंदेलखंड आते हैं और झांसी की रानी के बारे में जानकारी किए बिना नहीं लौटते हैं। झांसी का किला हो या फिर रानी की समाधि सब कुछ उनके लिए आज भी महत्वपूर्ण है। ये नारी का सम्मान नहीं तो और क्या है।
उन्होंने छात्राओं को प्रेरित कर कहा कि उन्हें आत्मनिर्भर बनना चाहिए। इसके लिए सरकार भी कई योजनाएं चला रही है, जब तक छात्राएं अपना एक अलग मुकाम नहीं बनाएंगी तब तक उन्हें समाज से सम्मान भी नहीं मिलने वाला है। अपने अनुभव साझा करते हुए डीडीओ ने कहा कि उनकी मां निरक्षर जरूर थी, लेकिन उन्होंने मुझे पढ़ा लिखाकर काबिल बनाया तो ये उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति का ही कमाल था।
इसी कड़ी में ऑक्सफोर्ड एकेडमी दमी की प्रंबंधिका शशि सोमेंद्र सिंह ने कहा कि हर छात्रा में देवी शक्ति होती है, जरूरत सिर्फ उसे पहचानने की है। इसके बाद ही छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रयोग कर अपने जीवन को सफलता की ऊंचाईयों तक ले जा सकती है। छात्राओं को चाहिए वे अपनी इच्छाओं को मन में ही न रखे बल्कि अपने अभिभावकों से खुलकर उस पर बात करें।
एबीआरसी कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि आज समाज में बेटा, बेटी का फर्क खत्म हो रहा है। लिहाजा अब चुप्पी तोड़ने का वक्त आ गया है, अपने भीतर छिपी प्रतिभा को बाहर निकालें और दुनिया को दिखा दें कि नारी भी कुछ हटकर कर सकती है।
महिला पतंजलि योग समिति की डॉ. ममता स्वर्णकार ने कहा कि बेटियां अपनी सोच को ही अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़ें और जिस क्षेत्र में काम करना चाहती हैं, उसके लिए प्रयासरत रहकर हासिल करें। छात्राओं ने भी कन्या भ्रूण हत्या और नारी सशक्तीकरण पर अपने विचार रखे। इस दौरान छात्राओं ने नारी जाति में जागरुकता लाने की शपथ भी ली। इस दौरान कालेज प्रबंधक राकेश सिंह, प्रियलता, आरती यादव, कंचन निरंजन आदि मौजूद रहे।