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जांच में मुकरे 27 सदस्य बोले, हस्ताक्षर नकली

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माधौगढ़ तहसील में सदस्य के अभिलेख मिलाते अधिकारी - फोटो : ORAI
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माधौगढ़ (जालौन)। पिछले दो सप्ताह से माधौगढ़ ब्लाक प्रमुख की कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान पर गुरुवार को विराम लग गया है। पर्चों की जांच के दौरान गठित कमेटी के सामने सिर्फ 48 में से सिर्फ 28 सदस्य ही उपस्थिति हुए, जिसमें से भी 27 सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख के पक्ष में खड़े होकर अपने हस्ताक्षर को फर्जी बताया। जिससे ब्लाक प्रमुख सोनिया राठौर एक बार फिर अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहीं।
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मालूम हो कि 15 दिन पूर्व ब्लाक प्रमुख सोनिया राठौर के खिलाफ क्षेत्र पंचायत सदस्य अजीत राठौर, जितेंद्र यादव, अकल राजपूत, देवेंद्र सोनी, सरदार यादव सहित 48 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव दिया था। जिसे लेकर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय नामित कमेटी के सामने 31 अक्तूबर को शपथ पत्रों की जांच की तिथि निर्धारित की थी।
गुरुवार को 48 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के शपथ पत्रों की जांच होनी थी। गुरुवार दोपहर तहसील परिसर पर नामित कमेटी एसडीएम सालिकराम, तहसीलदार प्रेमनारायण व बीडीओ संदीप कुमार के सामने 48 शपथ पत्रों की जांच होनी शुरू हुई। नामित कमेटी के सामने मात्र 28 क्षेत्र पंचायत सदस्य उपस्थित हुए, जिसमें 27 सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख के पक्ष में सहमति देकर हस्ताक्षर फर्जी बताए। वहीं मात्र सिहारी क्षेत्र पंचायत सदस्य काली प्रसाद राठौर ने विपक्ष में सहमति दी। जिससे जांच के दौरान ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर मंडरा रहा संकट टल गया। इस बार ब्लाक प्रमुख की कुर्सी बचाने का श्रेय पूर्व ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित व जिला पंचायत सदस्य रवीन्द्र सिंह हरौली की भूमिका अहम रही।
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इन सदस्यों ने कहा हस्ताक्षर फर्जी
माधौगढ़। क्षेत्र पंचायत सदस्य जगतपाल सिंह, रवि कुमार, ऊषा देवी, जितेंद्र सेंगर, विजय सिंह, गुड्डी देवी, संगीता देवी, महेंद्र सिंह, राघवेंद्र, सुनील कुमार, राजीव लोचन, जगमोहन, अज्ञाता देवी, शैलेंद्र, आशा देवी, रमेश चंद्र, गिरजा देवी, जयचंद, प्रकाश सिंह, शैलेंद्र सिंह, किशुन गोपाल, विश्वनाथ प्रताप सिंह, ज्ञान स्वरूप, हरीशंकर, नाथूराम, राजकुमारी, विसा खातून ने नामित कमेटी के सामने कहा कि शपथ पत्रों में उनके फर्जी हस्ताक्षर कर जिलाधिकारी को शपथ पत्र दिए गए थे। ब्लाक प्रमुख के पक्ष में सहमति करते हैं।
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