फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

25 हजार का इनामी दबोचा गया, लॉकडाउन में आया था घर

विज्ञापन
खुलासा करते एसपी सतीश कुमार - फोटो : ORAI
विज्ञापन
उरई (जालौन)। पुलिस पर जानलेवा हमले का आरोपी एवं तार कटर गिरोह का सरगना 25 हजार का इनामी बदमाश कालपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह सत्रह साल पहले पुलिस टीम पर हमला कर फरार हो गया था। उस पर कानपुर और उन्नाव के थानों में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन

एसपी डा.सतीश कुमार ने मामले का खुलासा कर बताया कि कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के गज्जापुरवा गांव निवासी ओम प्रकाश उर्फ पप्पल ने अपने गिरोह के सात आठ लोगों के साथ अगस्त 2003 में कालपी पुलिस पर जानलेवा हमला किया था और फिर भाग निकला था, जबकि उसके साथी चोरी के करीब पांच लाख के तार व ट्रक के साथ पकड़े गए थे। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
बताया कि ओम प्रकाश पिछले कुछ सालों से चंडीगढ़ की एक फैक्टरी में काम कर रहा था और कोरोना के चलते लॉकडाउन होने पर वह अपने घर आया था। इसकी भनक लगने पर एसपी ने अपनी कालपी पुलिस की टीम को सक्रिय किया था। सटीक सूचना पर सीओ राहुल पांडे, इंस्पेक्टर माणिकचंद्र और दरोगा रवि मिश्रा की टीम ने ओम प्रकाश को धर दबोचा। एसपी के मुताबिक ओम प्रकाश को कालपी के ही हनुमान मंदिर के पास से पकड़ा गया है। उसके पास से तमंचा और कारतूस भी मिले हैं। पुलिस ने ओम प्रकाश पर 25 हजार का इनाम भी रखा था।
विज्ञापन

20 साल पहले कानपुर से गया था जेल
पुलिस ने बताया कि ओमप्रकाश सन 2000 में कानपुर के कलक्टरगंज थाने से भी पकड़ा जा चुका है। उस वक्त भी उसके गिरोह के पास से चोरी का लाखों का तार और बम आदि बरामद हुए थे।
पुलिस को मानता था दुश्मन नंबर वन
पूछताछ में ओम प्रकाश ने बताया कि फिलहाल वह अपराध की दुनिया से दूर था पर जब था तब वह पुलिस को अपना दुश्मन नंबर वन मानता था। यही कारण था कि वह और उसका गैंग हमेशा अपने साथ विस्फोटक लेकर चलता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें