उरई। प्रदेश संगठन के आह्वान पर कार्य बहिष्कार कर रहे लेखपालों पर कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर उरई, कोंच, जालौन, कालपी व माधौगढ़ तहसीलों में कुल 25 लेखपालों पर निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से लेखपालों में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी ने बाकी के लेखपालों को काम पर लौटने की चेतावनी दी है।
बता दें कि करीब एक सप्ताह से प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर लेखपाल कार्य बहिष्कार कर रहे हैं, जिसे लेकर जिला प्रशासन बार-बार कार्रवाई की चेतावनी दे रहा था। गुरुवार को प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पांचों तहसीलों के पांच-पांच लेखपालों को निलंबित करने का फैसला किया है। कालपी प्रतिनिधि के अनुसार, तहसीलदार शशिविंद द्विवेदी की रिपोर्ट के बाद उपजिलाधिकारी कौशल कुमार ने लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष हरेंद्र सिंह, छविनाथ सिंह, अनूप तिवारी, शिवमंगल पाठक व अनीत यादव को निलंबित कर दिया। तहसीलदार ने बताया कि गुरुवार देर शाम से सात लेखपाल काम पर लौट आए है।
उन्होंने चेतावनी दी कि शेष रह गए है यदि वह नहीं लौटे तो उन्हें नो वर्क नो पे की कार्रवाई के अलावा सर्विस ब्रेक किया जाएगा। वहीं कोंच एसडीएम अशोक कुमार ने बताया कि कोंच में लेखपाल नरेंद्र सिंह, अशोक कुमार, लाखन सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि को निलंबित कर दिया गया है। वहीं जालौन प्रतिनिधि के अनुसार जनहित को देखते हुए एसडीएम ने हड़ताल पर जाने वाले संघ के अध्यक्ष अरविंद सिंह यादव, मंत्री रामकिशोर, आडीटर रामदत्त निरंजन, उपमंत्री विनोद वर्मा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष जसवंत सिंह को निलंबित कर दिया गया है। संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को निलंबित कर उन्होंने लेखपालों को चेतावनी दी है कि वह हड़ताल से वापस आ जाएं अन्यथा की स्थिति में उन्हें भी निलंबित कर दिया जाएगा।
एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला ने बताया राज्यपाल द्वारा लेखपालों के कार्य बहिष्कार को अवैध घोषित कर दिया गया है। इसके बाद भी लेखपाल हड़ताल से वापस नहीं आए जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है। वहीं उरई एसडीएम सतेंद्र सिंह ने बताया कि संघ के अध्यक्ष लायक सिंह, अरविंद, कमलेश, राकेश, विनोद आदि को निलंबित कर दिया गया है। वहीं माधौगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार तहसीलदार प्रेम नारायण के मुताबिक देर रात एसडीएम ने तहसील के पांच लेखपालों के निलंबित कर दिया है। फिहलहाल अभी उनके नामों की सूची जारी नहीं हुई है।