मुहम्मदाबाद (जालौन)। पति की मौत के 25 दिन बाद पत्नी ने भी जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। शनिवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 12 फरवरी को उसके पति ने भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी, तभी से वह मानसिक तनाव में चल रही थी।
डकोर कोतवाली क्षेत्र के गुढ़ा गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह (28) की शादी इटावा जिले के पछाया गांव निवासी प्रियंका (26) से करीब पांच वर्ष पहले हुई थी। वह शहर के इंदिरा नगर में पत्नी व तीन वर्ष के बेटे के साथ रहते थे। 12 फरवरी को धमेंद्र का प्रियंका से विवाद हो गया था। इस पर धर्मेंद्र ने जहर खाकर अपनी जान दे दी थी।
मृतक के छोटे भाई सिपाही ओमेंद्र सिंह ने बताया था कि भाई गुजरात में एक कंपनी में रहकर काम करते थे। लेकिन कई महीनों से वह उरई में ही रह रहे थे और काम पर नहीं जा रहे थे। इससे भाभी प्रियंका का अक्सर उनसे विवाद होता था। इसी के चलते उन्हें आत्महत्या कर ली थी।
भाई की मौत के बाद परिजनों ने प्रियंका पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया था। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने के बाद से प्रियंका से बात करना भी छोड़ दिया था। वह उरई में अकेली रह रही थी। शुक्रवार की शाम तनाव में आकर उसने जहर खा लिया। इससे वह अचेत हो गई। बेटे के रोने पर पड़ोसी दौड़े और प्रियंका को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां गंभीर हालत होने पर उसे कानपुर रेफर कर दिया था। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उसकी मौत से तीन वर्ष का बेटा अनाथ हो गया।