उरई। आंध्रप्रदेश के चित्तूर से गोंडा जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन से उरई स्टेशन पर 245 प्रवासी मजदूर उतरे। इनकी थर्मल स्क्रीनिंग कर गंतव्य की ओर रवाना किया गया। समाजसेवियों ने प्रवासी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराया। जैसे ही ट्रेन यात्रियों को उतारने के बाद सिग्नल दिए गए तो सिग्नल फेल हो गए। इसके चलते करीब 15 मिनट ट्रेन खड़ी रही।
बता दें कि प्रवासी मजदूरों को लेकर रोजाना श्रमिक स्पेशल ट्रेनें आ रही हैं। रविवार शाम भी आंध्रप्रदेश के चित्तूर से गोंडा के लिए श्रमिक एक्सप्रेस आई। इस ट्रेन से 245 प्रवासी कामगार उतारे गए। स्टेशन पर आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय और जीआरपी इंस्पेक्टर ब्रजमोहन सैनी ने सुरक्षा बलों के साथ सभी स्टाफ को कतारबद्ध किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की।
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक अनूप सक्सेना ने बताया कि इस ट्रेन से हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा और जालौन के 245 यात्री उतारे गए। इसमें 205 वयस्क और 40 बच्चे शामिल थे। समाजसेवी संगठन संस्कार ग्रामोत्थान संस्था की ओर से उन्हें बिस्कुट दिए गए। बच्चों को दूध भी दिया गया। कुछ लोगों ने पानी की भी व्यवस्था की। रोडवेज के एआरएम केशरीनंदन चौधरी ने बताया कि रेलवे की डिमांड पर 25 बसें भेजी गई है। जो गंतव्य तक यात्रियों को ले जाएंगी। इस दौरान सीटीआई डा. आरके शाक्या, अभिषेक बहादुर, ज्ञान सिंह आदि रहे। सीसीआई ने बताया कि एक और ट्रेन आंध्र प्रदेश से बस्ती के लिए आ रही है। वह देर सोमवार की सुबह आने की संभावना है।