उरई। कोंच कोतवाली में पंद्रह साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड में आखिर शुक्रवार को पंद्रह साल बाद फैसला आ ही गया। मामले में सभी सात आरोपियों पर दोष साबित होने के बाद उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। फैसले पर कोंच समेत पूरे जनपद के लोगों की निगाहें टिकी थीं। दोपहर तीन बजे के आसपास जैसे न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया तो कठघरे में खड़े लोगों के चेहरे फक पड़ गए, जबकि वादी पक्ष के लोगों के चेहरों पर न्याय के प्रति विश्वास दिखाई दिया।
बता दें कि 1 फरवरी 2004 में कोंच कोतवाली के भीतर ही सपा नेता सुरेंद्र निरंजन, उनके सगे भाई रोडवेज यूनियन नेता महेंद्र व साथी दयाशंकर झा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब पीड़ित पक्ष की ओर से तत्कालीन इंस्पेक्टर डीडीएस राठौर, इंस्पेक्टर का बेटा अनिल राठौर, पुलिस कर्मी एसआई लालमणि गौतम, एसआई भगवान सिंह समेत नौ लोगों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, बलवा, आगजनी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
मामले की सुनवाई की एक एक तारीख पर कोंच समेत समूचे जनपद की नजर थी। प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता यूसुफ इश्तियाक ने बताया कि मामले में पंद्रह साल के भीतर कुल 228 तारीखें पड़ी और करीब 18 लोगों ने गवाही दी, तब जाकर शुक्रवार को लगभग 70 पन्नों में कोर्ट का फैसला आया है। न्यायालय की ओर से फैसले का पूरा ब्योरा दो एक दिन में उपलब्ध करा दिया जाएगा।
तत्कालीन इंस्पेक्टर व कांस्टेबल की हो चुकी मौत
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो घटना के मुख्य आरोपी तत्कालीन कोंच इंस्पेक्टर डीडीएस राठौर व एक कांस्टेबल भगवान दास सोनी दोनों की मौत हो चुकी है। राठौर की मौत घटना वाले साल यानी 2004 में ही जेल में हुई थी, जबकि कांस्टेबल की मौत कुछ साल पहले हुई थी।
जिला एवं सत्र न्यायालय ,उरई (जालौन) में सजा सुनाए जाने के बाद जिला कारागार के लिए वाहन पर चढ़ते अभि?- फोटो : ORAI
सजा के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ,उरई (जालौन) से बाहर निकलता सिपाही अखिलेश यादव- फोटो : ORAI