उरई/आटा। कालपी-एट नेशनल हाईवे पर बने अवैध कटों में 22 बंद कर दिए गए। दरअसल, हाईवे पर 50 किमी के दायरे में बने अवैध कट हादसों का कारण बन रहे थे। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं को लेकर अमर उजाला ने 27 नवंबर के अंक में खबर प्रकाशित की थी। खबर के प्रकाशन के महज 24 घंटे के भीतर जिम्मेदार विभाग हरकत में आ गया और हाईवे पर कार्रवाई शुरू हुई।
झांसी-कानपुर हाईवे पर शुक्रवार की सुबह से ही टीम मशीनों और कर्मचारियों के साथ उतरी और उरई से कालपी मार्ग के बीच मौजूद कई छोटे-बड़े अवैध कटों को बंद करना शुरू किया। सुरक्षा के मद्देनजर इन कटों पर मेटल बीम, क्रैश बैरियर व एमसीबी लगाकर आवागमन रोका गया, ताकि तेज रफ्तार में अचानक सड़क पार करते वाहन दुर्घटना का कारण न बन सकें।
अवैध कट बंद कराए जाने का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना है। अचानक सामने आ जाने वाले वाहन न सिर्फ खुद जोखिम में होते थे, बल्कि हाईवे पर तेज गति से चल रहे वाहनों के लिए भी खतरा बनते थे। अवैध कट सील होने से दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी।
शेष कटों की पहचान जारी रहेगी और जो अवैध कट बच गए हैं। उन्हें भी जल्द बंद कराया जाएगा।
- इंग्लेश शर्मा, बारा परियोजना के प्रबंधक