उरई। पोषण पखवाड़े में प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जिलों में अधिक कार्यक्रम कराने के मामलों की एक सूची जारी की गई है, जिसमें बुंदेलखंड क्षेत्र के झांसी मंडल के जालौन एवं झांसी जिले को टॉप 20 में नामित किया गया है। सूची में बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी जिलों में जालौन ने बाजी मारी और पहला स्थान प्राप्त किया है। जबकि प्रदेश में जालौन को 15 वां स्थान मिला है। वहीं झांसी जिले ने प्रदेश में 16वां तथा बुंदेलखंड क्षेत्र में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि पोषण पखवाड़े के दौरान जो भी गतिविधियां हुईं उसमें टीम ने पूरी सक्रियता से काम किया। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को भी श्रेय दिया है। उन्होंने बताया कि 8 मार्च से पोषण पखवाड़ा शुरू हुआ था। इसमें 8 मार्च को सभी सब सेंटरों पर किशोरी दिवस का आयोजन किया गया था।
इसके बाद 9 को ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस तथा अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया था। 10 को साइकिल रैली, 11 को सुपोषण गोष्ठी, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की बैठक, 13 को वीरांगना दल की ओर से प्रभात फेरी, 14 को रेसिपी प्रदर्शनी व प्रतियोगिता, 15 को ममता दिवस, 16 को पोषण हाट, 17 को पोषण दौड़, 18 को स्थानीय साग सब्जियों की रेसिपी, 19 को वीरांगना दल व अन्य युवा समूहों की बैठक व पोषण, स्वास्थ्य स्वच्छता पर चर्चा, 20 को अन्नप्राशन दिवस, 21 को पोषण रैली व गुड़ चना का वितरण, 22 को ग्राम पंचायत व मातृ समिति की बैठक व संगोष्ठी का आयोजन किया गया था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस दौरान जिले के 1814 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 4307 प्रकार के कार्यक्रम हुए। इसमें महिला-पुरुष, किशोर व किशोरियों समेत 3 लाख 58 हजार से अधिक लोगों ने सहभागिता की। यह सहभागिता प्रदेश में 15वें स्थान पर है। जबकि बुंदेलखंड में पहले स्थान पर है। वही झांसी जिले में लगभग 3967 कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें लगभग 1 लाख 36 हजार से अधिक लोगों ने सहभागिता की और प्रदेश में 16वां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान पोषण पखवाड़े के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सीडीपीओ व स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्वास्थ्य, स्तनपान, नवजात शिशु की देखभाल, आयरन की गोलियों का वितरण आदि कार्यक्रम कराए गए।