कदौरा (जालौन)। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम बड़ागांव में गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है। स्थिति ये है कि गांव में लगे आधा दर्जन से अधिक हैंडपंप दम तोड़ गए है। जिससे ग्रामीणों को काफी दूर स्कूल में लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। हैंडपंप में सुबह से ही लाइन लग जाती है। घंटों लाइन में लगने के बाद लोगों को पीने के लिए पानी मिलता है।
बता दें कि कदौरा ब्लाक जिले में सबसे ज्यादा पानी किल्लत वाला ब्लाक है। इसकी तस्वीर अभी से नजर आने लगी है। गर्मी की दस्तक के साथ ही ब्लाक के कई गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा है। ब्लाक के गांव बड़ागांव में कहने को तो करीब आधा दर्जन हैंडपंप लगे है, लेकिन गर्मी शुरू होते ही सभी ने पानी देना छोड़ दिया है। स्थिति यह है कि गांव में लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। गांव की विनीता, शेषकली, चुन्नी देवी, राजेंद्र, नत्थू, भागीरथ, कौशल्या, भूषण, लल्ला आदि ने बताया कि गांव में पानी की समस्या हर वर्ष की है लेकिन जिम्मेदार अफसर सिर्फ आश्वासन देकर टरका देते हैं।
स्थिति यह है कि गांव के स्कूल में लगे हैंडपंप से आधे से ज्यादा गांव के लोग पानी भरते हैं। जिसमें सुबह से ही लाइनें लगनी शुरू हो जाती हैं। कभी-कभी तो स्कूल खुलने से पहले ही लंबी लाइनें लग जाती हैं। कई बार यहां पानी भरने को लेकर झगड़े तक हो चुके है, लेकिन अब तक किसी ने भी पानी की समस्या को लेकर ध्यान नहीं दिया। इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रभात कुमार का कहना है कि पेयजल किल्लत को देखते हुए सभी हैंडपंपों को ठीक कराने का कार्य शुरू करा दिया गया है। जल्द ही गांव से पेयजल किल्लत को दूर कर लिया जाएगा।
गर्मी के साथ शुरू हो गई पानी की मारामारी
माधौगढ़। गर्मी का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए मारामारी शुरू हो गई है। ग्रामीणों द्वारा शिकायत के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। ऐसा ही मामला गोहनी ग्राम पंचायत का है। ग्रामीण रामशंकर, रामबाबू, विनोद कुमार, शिवा, अनोध कुमार ने खंड विकास अधिकारी प्रेमचंद्र वर्मा से शिकायत करते हुए बताया कि दीपक पुत्र रामसिंह ने घर के पास लगे सरकारी हैंडपंप में सबमर्सिबल डाल दी है। यही नहीं वेल्डिंग कराकर पाइप लाइन घर के अंदर डाल ली है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। शिकायत करने पर दीपक लड़ने को उतारू हो जाता है। प्रधान प्रतिनिधि संतोष ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। बीडीओ ने सचिव को जांच सौंपी है।