उरई। कालपी कोतवाली क्षेत्र में पांच साल पहले किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले को सोमवार को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। दोषी युवक विवेक कुमार कन्नौज का रहने वाला है।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी मां ने 11 नवंबर 2020 को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी को 9 नवंबर 2020 को एक युवक बहला फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने अपहरण सहित पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच कालपी कोतवाली के तत्कालीन उपनिरीक्षक दिनेश कुमार कुरील ने की थी। जांच में कन्नौज के ग्राम नगला खरगाई गांव निवासी विवेक कुमार का नाम सामने आया था। पुलिस ने युवक का मोबाइल ट्रेस कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से किशोरी को भी खोज लिया गया।
पुलिस की पूछताछ में युवक ने बताया कि वह फरीदाबाद की एक कंपनी में काम करता था। पीड़िता के पिता भी उसी कंपनी में काम करते थे। हम दोनों का कमरा पास में था। वहीं उसकी बेटी का आना-जाना रहता था। उसी समय उससे दोस्ती हो गई थी। कालपी आ रहा था, तभी पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराकर कोर्ट में कलम बंद बयान दर्ज कराए। यहां किशोरी ने दुष्कर्म की बाद कही।
पुलिस ने दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर युवक को जेल भेज दिया। उसके खिलाफ 30 सितंबर 2021 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। कोर्ट में चले ट्रायल के बाद सोमवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहमद कमर ने विवेक कुमार को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।