संवाद न्यूज एजेंसी
उरई(जालौन)। किशोरी को बहलाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने बीस साल की सजा सुनाई और 70 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
उरई कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले एक ग्रामीण ने पुलिस को पांच जुलाई 2020 को तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी को अज्ञात युवक बहलाकर ले गया है। पुलिस ने अपहरण सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी की खोजबीन शुरू कर दी।
विवेचना में कालपी कोतवाली क्षेत्र के एक कस्बा निवासी छोटू उर्फ राजू का नाम सामने आया। वह किशोरी का पड़ोसी था। पुलिस ने छोटू उर्फ राजू को दस जुलाई 2020 को गिरफ्तार कर किशोरी को भी खोज लिया। फिर पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराकर कोर्ट में कलम बंद बयान दर्ज कराए। जिसमें किशोरी ने दुष्कर्म करने की बात कही। तब पुलिस ने दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर आरोपी को जेल भेज दिया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में 13 अगस्त 2020 को आरोपपत्र दाखिल किए। गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहमद कमर ने छोटू उर्फ राजा को किशोरी से दुष्कर्म में दोषी पाते हुए सजा सुनाई।