कदौरा। गर्भवती महिलाओं व दुर्घटना में घायलों को जल्द उपचार केंद्रों पर पहुंचाने के लिए चलाई जा रही 108 व 102 एंबुलेंस जर्जर व खटारा हो गई हैं, जो एक सूचना पर चार बार बंद हो जाती है फिर उन्हें स्टार्ट करने के लिए तीमारदारों को ही धक्के लगाने पड़ते हैं।
सोमवार की सुबह सूचना पर जा रही एंबुलेंस कस्बे के बस स्टैंड के समीप हाईवे पर खड़ी हो गई। जिस पर चालक ने राहगीरों की मदद से धक्का लगवाया तब कही जाकर एंबुलेंस स्टार्ट हो सकी। कुलदीप सिंह, मोहन लाल, उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि एंबुलेंस की हालत इतनी जर्जर है कि कभी-कभी डिलीवरी के लिए लाई जा रही महिलाओं का प्रसव गाड़ी में ही जाता है।
इतना ही नहीं कई मर्तबा तो सूचना के कई घंटों के बाद भी खराबी के कारण एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच पाती है, जिस कारण तीमारदारों को मरीज के लिए प्राइवेट वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है। वहीं चालकों का कहना है कि इसकी सूचना विभाग के पास पहले से है। बजट नहीं है, यह बताकर समस्या से पल्ला झाड़ लिया जाता है। चिकित्साधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि सीएचसी में चार एंबुलेंस हैं, जिनकी मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है, जल्द ही उन्हें ठीक कराया जाएगा।