कुठौंद (जालौन)। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वेे को लेकर जिले में चल रहे भूमि अधिग्रहण में भुगतान को लेकर ब्लाक के किसानों में असमंजस की स्थिति है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन भूमि का बैनामा तो करा रहा है, पर भुगतान को लेकर स्थिति साफ नहीं कर रहा। जिससे हम विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर है।
बता दें कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे जिले से होकर गुजर रहा है। जिसमें जिले के कई ब्लाकों के किसानों की जमीनें आईं हैं। प्रशासन ने जमीनों के अधिग्रहण को लेकर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों को नियम अनुसार सर्किल रेट से चार गुना भुगतान किया जा रहा है। वहीं भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों का भुगतान कब और कैसे होगा इसको लेकर कोई एक नियमावली नहीं है। जिससे किसान परेशान है।
कुठौंद क्षेत्र में कई ऐसे किसान है जिनका भुगतान बैनामा के तत्काल बाद एकमुश्त पूरा कर दिया गया तो कुछ ऐसे भी किसान है जिनका बैनामा हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक एक रुपये का भी भुगतान नहीं हुआ है। इसके साथ ही कुछ किसान ऐसे भी है जिन्हें आधा रुपया ही मिला है।
इससे किसानों में असमंजस की स्थिति है। वहीं अफवाहों का भी दौर शुरू हो गया है। ग्रामीण दिनेश, राम प्रकाश, देवेंद्र आदि का कहना है कि गांव में कई किसानों के भुगतान आधे अधूरे हुए है और कुछ के पूरे हो चुके है। इससे किसान डरे हुए है कि कहीं उनका भुगतान न लटक जाए।
तहसीलदार ब्रजेश कुमार वर्मा ने का कहना है सर्किल रेट का चार गुना भुगतान किया जा रहा है। बताया कि जालौन के 20 किसानों ने बैनामा कर दिया है जिसमें 10 किसानों को एकमुश्त भुगतान भी हो चुका है। शेष किसानों का जल्द भुगतान हो जाएगा, किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। बैनामा के बाद जल्द से जल्द शासन स्तर से भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जा रहा है। इसलिए किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।