उरई। जिला पंचायत सभागार में गहमागहमी के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन निरंजन की अध्यक्षता व सांसद भानुप्रताप वर्मा की उपस्थिति में बोर्ड बैठक हुई। जिसमें सदस्यों ने बिजली, पानी, सड़क सहित अन्य विकास के मुद्दों को जोरदारी से उठाया। बैठक में जहां वित्तीय वर्ष 2018-19 का आय व्यय का अवलोकन किया गया वहीं वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 40 करोड़ 97 लाख का बजट के प्रस्ताव को पास किया गया। इस दौरान सदस्यों ने शासन की कई योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
जिला पंचायत की बैठक की शुरूआत वित्तीय वर्ष 2018-19 का आए व्यय का अवलोकन किया गया। जिसमें अधिकारियों ने पिछले वर्ष के खर्च व आय को रखा। इसमें अधिकारियों ने बताया कि पुनरीक्षित आय में प्रारंभिक शेष को मिलाकर 60,19,19,865 हुई थी। इसके सापेक्ष 4,32,69,86,758 का व्यय किया गया। इसके साथ ही बैठक में वर्ष 2019-20 के लिए 40,97,68,107 रुपये के प्रस्ताव को रखा गया।
जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इसके बाद बैठक में सदस्यों ने अपनी अपनी समस्याएं रखीं। जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन निरंजन ने कहा कि सभी सदस्यों की मांग को ध्यान में रखा गया है। सभी मुद्दों को बजट में जगह देने की कोशिश की गई है। इस दौरान सीडीओ प्रशांत कुमार ने शासन की कई जनकल्याणकारी योजनाओं के विषय में बताया। इसमे जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुरेंद्र मौखरी ने विधायक निधि से लगाए जा रहे हैंडपंपों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हैंडपंप लगाने के नाम पर पैसों की उगाही हो रही है। सदस्य अल्ताफ हु़सैन ने ईटों क्षेत्र में पानी व सड़क की समस्या को उठाया। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र में पानी की समस्या को देखते हुए विशेष बजट दिया जाए। बैठक में विधायक उरई, गौरीशंकर वर्मा, विधायक कालपी नरेंद्र सिंह जादौन, संध्या मौखरी, पुष्पेंद्र सिंह सेंगर, रविंद्र सिंह, रामकुमार, अर्चना गौतम आदि उपस्थित रहे।
कमसेरा से तीतरा मार्ग का उठाया मुद्दा
परिवहन मंत्री प्रतिनिधि अरविंद चौहान ने कमसेरा से तीतरा मार्ग में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह सड़क दो वर्ष पहले बनी थी और पांच साल तक इस सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन पिछले एक साल से सड़क में बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आयुष्मान योजना में चयनित अस्पतालों के लगाएं बोर्ड
मंत्री प्रतिनिधि अरविंद चौहान ने आयुष्मान भारत योजना को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि जब आम लोगों को चयनित अस्पतालों का पता नहीं है तो मरीज इलाज के लिए कैसे इन अस्पतालों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में आयुष्मान योजना में चयनित अस्पतालों की सूची लगवाई जाए, जिससे मरीजों को परेशान न होना पड़े। वहीं चयनित अस्पतालों में मरीजों की सहूलियत के लिए हेल्प डेस्क भी अनिवार्य रुप से बनाई जाए।
-कई सदस्यों ने लगाए उपेक्षा के आरोप
बैठक में कई सदस्यों ने अपनी उपेक्षा व पक्षपात के आरोप लगाए। इसमें बसपा व सपा के सदस्य मुख्य रहे। सदस्यों का आरोप है कि क्षेत्र के विकास के लिए जनता उन्हें चुनकर भेजती है और बोर्ड में उनके साथ पक्षपात का व्यवहार किया जाता है।
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40 लाख से होगा तहसील परिसर का कायाकल्प
महिला-पुरुष शौचालय, टिन शेड और पेयजल को आरओ की होगी व्यवस्था
फोटो नंबर-2-कोंच का तहसील कार्यालय।
अमर उजाला ब्यूरो
कोंच। तहसीलों में भौतिक जरूरतों को आमजन के लिहाज से बेहतर बनाए जाने के लिए शासन ने कोंच तहसील को भी चालीस लाख रुपये देने का फैसला लिया है। अनुमान है कि तहसील परिसर में पुरुष-महिला शौचालयों का निर्माण, पेयजल के लिए आरओ और सबमर्सिबल पंप के प्रस्ताव भेजे जा सकते हैं।
बता दें कि तहसीलों के कायाकल्प के लिए प्रदेश शासन ने कोंच तहसील को चालीस लाख रुपये दिए हैं। इस पैसे से तहसील परिसर में आमजन जरूरत के हिसाब से निर्माण कार्य कराए जाने हैं। वैसे तो तहसील में तमाम काम कराए जा सकते हैं लेकिन प्राथमिकता किन कामों की है यह देखना लाजिमी होगा। एक अनुमान के मुताबिक तहसील परिसर में महिला और पुरुष शौचालयों की सख्त आवश्यकता है और तहसील प्रशासन इस काम पर फोकस कर सकता है। इसके अलावा तहसील का गेट भी प्रस्ताव का हिस्सा बन सकता है। शुद्घ पेयजल की किल्लत को देखते हुए आरओ और सबमर्सिबल पंप का भी प्रस्ताव प्राथमिकता पर हो सकता है। ग्रामीण अंचलों से आने वाले लोगों के बैठने के लिए टिन शेड कुर्सियों सहित, कंप्यूटर खतौनी कार्यालय के सामने कानूनगो के बैठने के लिए टिन शेड और कुर्सियों की व्यवस्था को भी आगणन में जगह मिल सकती है। बहरहाल, तहसील प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को आगणन तैयार करने के लिए कहा है।